कोलकाता, 21 फ़रवरी (हि.स.)। स्वच्छ भारत मिशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सशक्त करते हुए पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल ने “स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त मंडल” अभियान के तहत बड़े पैमाने पर सफाई और प्रवर्तन अभियान चलाया। शनिवार को सियालदह मंडल की ओर से जारी बयान के अनुसार बीते दो दिनों में मंडल ने गहन सफाई कार्यों के साथ कड़े निगरानी अभियान भी संचालित किए।

मंडल के लक्षित प्रयासों के तहत अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लंबे समय से जमा कचरे का निपटान किया गया। बिधाननगर रोड स्टेशन, जहां यात्रियों की आवाजाही अत्यधिक रहती है, वहां यात्रियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए विशेष सफाई अभियान चलाया गया। विशेषज्ञ टीमों की तैनाती से स्टेशन परिसर से करीब 1.5 टन कचरा हटाया गया, जिससे संभावित स्वास्थ्य जोखिम कम हुए और यात्रियों को स्वच्छ वातावरण मिला।

इसके अलावा टाला, बाघाजतीन, जादवपुर और माजेरहाट स्टेशनों पर भी व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इन स्टेशनों के आसपास से पांच टन से अधिक कचरा हटाया गया, जिससे परिसर और आसपास के वातावरण में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
सियालदह मंडल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वच्छता को स्थायी बनाने के लिए “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई गई है। सफाई अभियानों के बाद लगातार निगरानी की जाएगी और रेलवे परिसर में गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। हालिया विशेष अभियानों के दौरान संतोषपुर और मगराहाट में अवैध दुकानों से ₹4,000 का जुर्माना वसूला गया।
प्रशासन और यात्रियों के बीच जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सियालदह स्टेशन सहित मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया गया। इन रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से यात्रियों को रेलवे परिसरों को स्वच्छ रखने और कचरा न फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
सियालदह मंडल ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे स्वच्छता अभियान में सहभागी बनें, ट्रैक या प्लेटफॉर्म पर कचरा न फेंकें और केवल निर्धारित डस्टबिन का ही उपयोग करें। सामूहिक प्रयासों से यात्रा को अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और सुखद बनाया जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय
