धर्मशाला, 21 फ़रवरी (हि.स.)। भारतीय सेना की सेना शिक्षा कोर (एईसी) के पूर्व सैनिकों का राष्ट्रीय सम्मेलन शनिवार को पवित्र तीर्थस्थल ज्वालाजी मंदिर में आरंभ हो गया। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में एईसी वेटरन्स भाग ले रहे हैं।

उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने सेना शिक्षा कोर की ऐतिहासिक भूमिका, उसके गौरवशाली योगदान तथा सेवानिवृत्ति के पश्चात भी समाज के प्रति पूर्व सैनिकों की सक्रिय भागीदारी पर प्रकाश डाला। शिक्षा और पर्यावरण पर विशेष फोकस

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पूर्व सैनिकों के बीच आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करना, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हेतु ठोस रणनीति तैयार करना तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे समसामयिक विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श करना है। अपने विचार मीडिया से साझा करते हुए पदाधिकारियों ने कहा कि यह ऐसोसिएशन का छठा वार्षिक अधिवेशन है। यह हर साल अलग-अलग राज्यों में आयोजित होता है।
पहला वार्षिक उत्सव दिल्ली में आयोजित किया गया था और इस समारोह का उद्देश्य समाज के युवा वर्ग को भी समाज के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूक करना व अच्छा कार्य करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करना है। ऐसोसिएशन द्वारा हर वर्ष प्रकाशित की जाने वाली स्मारिका में ऐसे युवाओं के फोटो राइजिंग स्टार के रुप में प्रकाशित किये जाते हैं। इसके साथ साथ पर्यावरण व शिक्षा के साथ साथ सरकार द्वारा चलाए जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए ऐसोसिएशन काम कर रही है और देश भर के राज्य सरकारों को प्रस्ताव भेजे गए हैं।
इस मौके पर सुबेदार योगेश कुमार अत्री, सुबेदार मेजर जसवीर सिंह, सुबेदार मेजर अरूण कुमार, सुबेदार मेजर राम वीर सिंह, सुबेदार सी आर परेजा, शेर सिंह राणा, केप्टन उमेश कुमार, अरूण कुमार,आदि ने अपने अपने विचार साझा किये।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया
