प्रयागराज, 21 फ़रवरी (हि.स.)। प्रयागराज जिला न्यायालय के पॉक्सो एक्ट विशेष कोर्ट द्वारा यौन शोषण का मुकदमा दर्ज करने के आदेश के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने शनिवार को देर शाम मीडिया के सामने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि न्यायालय का फैसला उचित है, जब इस मामले में मुकदमा दर्ज होगा, तभी तो जांच प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और दूध का दूध, पानी का पानी अलग होगा। हमें विश्वास है कि सच्चाई सबके सामने आएगी और सही एवं गलत में अंतर दिखाई देगा।

उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने आरोप लगाया है वह खुद हिस्ट्रीशीटर है। शामली जिले के कांगली थाने की दिवार पर हिस्ट्रीशीटर की सूची में 34 नम्बर पर आरोप लगाने वाले का नाम अंकित है। इतना ही नहीं थाने के हिस्ट्रीशीटर रजिस्टर में भी उसका नाम अंकित किया गया है। यह अलग बात है कि वह हिस्ट्रीशीटर इन दिनों रामभद्राचार्य का शिष्य बन गया है।

आगे कहा कि सनातन के ऊपर आरोप लगा कौन रहा है, किसी विधर्मी ने आरोप नहीं लगाया है, बल्कि हिस्ट्रीशीटर व्यक्ति ने आरोप लगाया है। आरोप कहां से आ रहा है। रामभद्राचार्य के यहां से आ रहा है। हमने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग उठाई है और आन्दोलन चला रहे हैं। इस वजह से आवाज दबाने के लिए फर्जी आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज किया गया है।
हमारी न्यायालय से मांग है कि जल्दी से जल्दी गवाही कराए और जांच प्रक्रिया पूरी कर सही गलत का निर्णय सुनाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल
