पलामू, 21 फ़रवरी (हि.स.)। जिले के हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र में घुसे एक जंगली हाथी को वन विभाग ने करीब 16 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार को सुरक्षित रूप से गांव से बाहर निकाल दिया। हाथी के अचानक गांवों में पहुंचने से दहशत का माहौल बन गया था, लेकिन सफल रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

वन विभाग को जैसे ही हाथी के हुसैनाबाद क्षेत्र में प्रवेश की सूचना मिली, तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया। शनिवार को टीम ने रणनीतिक तरीके से हाथी को बुधुवा गांव की ओर से सोन नदी की दिशा में खदेड़ा। पूरी रात निगरानी और सतर्कता के बीच अभियान चलता रहा और अहले सुबह करीब 4 बजे हाथी को सुरक्षित रूप से बिहार सीमा की ओर मोड़ दिया गया। वनकर्मी बुधुवा घाट से नाव के माध्यम से सोन नदी पार पहुंचे। बालू पर मिले पदचिह्नों के आधार पर यह सुनिश्चित किया गया कि हाथी बिहार की सीमा में प्रवेश कर चुका है। पुष्टि के बाद टीम वापस लौटी।

जिला मुख्यालय से डीएफओ सत्यम कुमार के नेतृत्व में यह पूरा अभियान संचालित किया गया। वे पूरी रात हाथी की गतिविधियों पर नजर रखते हुए टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे। वन विभाग की प्राथमिकता हाथी को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित क्षेत्र की ओर मोड़ना और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
जानकारी के अनुसार, यह हाथी अपने झुंड से बिछड़कर बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर पहाड़ी क्षेत्र से होते हुए नबीनगर मार्ग के रास्ते हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र में पहुंच गया था। गांव में प्रवेश के दौरान हाथी ने कुछ झोपड़ियों को नुकसान भी पहुंचाया। हालांकि, इस पूरी घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। वन विभाग की तत्परता और रणनीतिक कार्रवाई से संभावित बड़ी घटना टल गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार
