
झांसी, 22 फ़रवरी (हि.स.)। मेडिकल कॉलेज के पास स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल में उपचार के दौरान नवजात की मौत हो जाने से हंगामा खड़ा हो गया। परिजनों ने हॉस्पिटल पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घटना की सत्यता जानने के लिए नवजात के शव काे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

जानकारी मुताबिक उलदन निवासी शिवम अहिरवार ने अपने नवजात को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में 19 फरवरी को एडमिट कराया था। शिवम का आरोप है कि नवजात के मुंह में छाले थे, हॉस्पिटल में एडमिट के बाद डॉक्टर ने उसका अच्छा इलाज किया। लेकिन गत रोज डॉक्टर बाहर चले गए। इसलिए हॉस्पिटल के स्टाफ ने बच्चे के इलाज में लापरवाही बरती और उसकी मौत हो गई। नवजात की मौत से परिवार में मातम सा छाया हुआ है। इधर हॉस्पिटल का कहना है कि नवजात की मौत निमोनिया बिगड़ने से हुई है। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने नवजात के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

बच्चा बहुत सीरियस था, परिजनों के आरोप निराधार
डॉ. प्रमोद गुप्ता ने कहा कि जब परिजन नवजात शिशु को लेकर आए थे, तब उसकी हालत पहले से ही गंभीर थी और उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस बारे में परिजनों को भी पहले ही अवगत करा दिया गया था। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान बच्चे की हालत में थोड़ा सुधार आया था, लेकिन अचानक उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई।
डॉक्टर के मुताबिक बच्चे को वेंटिलेटर पर रखा गया, बावजूद इसके उसे बचाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि कोई भी डॉक्टर नहीं चाहता कि उसके मरीज की मौत हो। परिजन जो आरोप लगा रहे हैं, वे झूठे और निराधार हैं। उन्होंने कहा कि पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
नवाबाद थाना प्रभारी का है कहना
नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने बताया कि नवजात शिशु का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। परिजनों ने तहरीर दी है। मामले की जांच के लिए सीएमओ को भी जानकारी भेजी जाएगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया
