भुवनेश्वर, 23 फ़रवरी (हि.स.)। ओडिशा विधानसभा के बजट अधिवेशन के छठे दिन विपक्षी दलों के विधायकों द्वारा हंगामा किया गया । इस कारण प्रश्नकाल का कार्यक्रम नहीं हो पाया। बीजेडी के विधायक किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर हंगामा कर रहे थे, जबकि कांग्रेस के विधायक एप्स्टिन फ़ाइल के मुद्दे को उठाते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने पहले 11.30 बजे तक और बाद में सर्वदलीय बैठक बुलाते हुए सदन को स्थगित किये जाने की घोषणा की।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, घर का कार्य सुबह 10.30 बजे शुरू हुआ। सभापति सुरमा पाढी ने प्रश्नकाल आरंभ करने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी दलों के लगातार हंगामे के कारण इसका आयोजन नहीं हो सका।

धान मंडी में अनियमितताएं, धान खरीद में समस्याएं और किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर बीजेडी विधायकों ने विरोध जताया। वे सदन के बीच में आकर नारेबाजी करने लगे। इसी तरह कांग्रेस के विधायक एप्स्टिन फ़ाइल मामले को लेकर जोरदार नारेबाजी कर रहे थे। सभापति ने बार-बार विधायकों से अपने स्थान पर बैठकर सदन के कार्य में सहयोग करने का अनुरोध किया, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। इसके परिणामस्वरूप सभापति ने 10.36 बजे घर के कार्य को 11.30 बजे तक स्थगित कर दिया।
11.30 बजे पुनः घर का कार्य आरंभ हुआ, लेकिन शून्यकाल में भी बीजेडी और कांग्रेस के विधायकों द्वारा हंगामा जारी रहा। इस दौरान सरकारी और विपक्षी दलों के विधायकों के बीच तीखी बहस हुई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सभापति ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए सभी दलों की बैठक बुलाते हुए सदन के कार्य को स्थगित रखने की घोषणा की।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो
