नई दिल्ली, 24 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली में प्रॉपर्टी जालसाजी और ठगी के मामले में फरार चल रहे अपराधी को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपित ने जमानत मिलने के बाद कोर्ट में पेश होना बंद कर दिया था और लगातार गिरफ्तारी से बच रहा था।

गिरफ्तार आरोपित की पहचान बेगम विहार निवासी दीपक उर्फ टुडा (33) के रूप में हुई है। वह थाना विजय विहार में दर्ज एफआईआर संख्या 08/2025 (धारा 420/467/468/471/34/120बी आईपीसी) में वांछित था। यह मामला 2 जनवरी 2025 को दर्ज हुआ था। आरोपित ने सशर्त जमानत ली थी, लेकिन बाद में अदालत में पेश होना बंद कर दिया। 20 जनवरी 2026 को रोहिणी कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।

क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार ने मंगलवार को बताया कि दीपक ने अपने साथियों के साथ मिलकर बेगमपुर के ई-ब्लॉक में स्थित एक खाली प्लॉट को बेचने की साजिश रची। आरोपितों ने फर्जी प्रॉपर्टी चेन दस्तावेज तैयार किए और एक व्यक्ति को प्लॉट का मालिक बताकर पेश किया। बुध विहार स्थित एक प्रॉपर्टी ऑफिस के माध्यम से सौदा कराया गया। बाद में जांच में सामने आया कि सभी दस्तावेज फर्जी थे और पीड़ितों से करीब 35 लाख रुपये की ठगी की गई।
गुप्त सूचना पर जाल बिछाकर दबोचा
पुलिस उपायुक्त के अनुसार 23 फरवरी को क्राइम ब्रांच की एनआर-द्वितीय टीम को सूचना मिली कि भगोड़ा अपराधी दीपक सेक्टर-13, रोहिणी इलाके में किसी से मिलने के लिए आने वाला है। सूचना को पुख्ता कर इंस्पेक्टर नीरज शर्मा देखरेख में पुलिस टीम ने इलाके में जाल बिछाया और आरोपित को मौके से दबोच लिया। पूछताछ में उसने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार, आरोपित ने ठगी से मिली रकम में से बड़ा हिस्सा जुए और नशे की लत में खर्च कर दिया। वह प्रॉपर्टी डीलिंग और कबाड़ के कारोबार से जुड़ा था। आरोपित शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। जमानत मिलने के बाद वह लगातार फरार चल रहा था। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी
