-वन सुरक्षा और रोजगार को बढ़ावा: बजट 2026 में फॉरेस्ट विभाग में 1000 भर्ती

रायपुर / जगदलपुर 24 फ़रवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026 का संकल्प थीम आधारित बजट बस्तर सहित पूरे प्रदेश के लिए ऐतिहासिक, संतुलित एवं दूरदर्शी है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने इस जनोन्मुखी बजट के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।

बजट नहीं, विकास का संकल्प-पत्र
मंत्री कश्यप ने कहा कि यह बजट केवल आय–व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की उन्नति, समृद्धि और आत्मनिर्भरता का सशक्त संकल्प-पत्र है। बस्तर के युवाओं, किसानों, आदिवासी समाज और दूरस्थ अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने की स्पष्ट सोच इस बजट में दिखाई देती है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, डिजिटल कनेक्टिविटी, खेल, पर्यटन और आजीविका—हर क्षेत्र में संतुलित निवेश से बस्तर के विकास को नई दिशा मिलेगी।
युवा, शिक्षा और खेल को नई उड़ान
खेल एवं युवा सशक्तिकरण के अंतर्गत बस्तर ओलंपिक के लिए ₹5 करोड़ का प्रावधान युवाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक होगा।
वहीं अबूझमाड़ एवं जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी हेतु ₹100 करोड़ का निवेश बस्तर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मजबूत आधार का निर्माण करेगा।
डिजिटल कनेक्टिविटी और परिवहन में विस्तार
बस्तरनेट परियोजना के लिए ₹5 करोड़ का प्रावधान दूरस्थ गांवों तक विश्वसनीय इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराएगा।
साथ ही मुख्यमंत्री बस सेवा योजना (₹10 करोड़) से बस्तर अंचल में आवागमन सुगम होगा और आम नागरिकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
पर्यटन और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहन
होम-स्टे नीति के लिए ₹10 करोड़ का प्रावधान बस्तर–सरगुजा क्षेत्र में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
आजीविका, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
एग्रो एवं फॉरेस्ट प्रोसेसिंग निवेश अनुदान (₹100 करोड़) तथा बकरी, सूकर एवं मधुमक्खी पालन (₹15 करोड़) जैसे प्रावधान ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में आत्मनिर्भर आजीविका को सुदृढ़ करेंगे।
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
स्वास्थ्य क्षेत्र में दंतेवाड़ा सहित मेडिकल कॉलेज के लिए ₹50 करोड़ तथा जगदलपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से बस्तरवासियों को उन्नत और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।
सड़क और अधोसंरचना से विकास को गति
नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों की प्रमुख सड़कों एवं पुलों के लिए किए गए प्रावधानों से आवागमन, व्यापार और सुरक्षा को मजबूती मिलेगी तथा विकास की रफ्तार तेज होगी।
सिंचाई और जल संसाधन से कृषि को संबल
इंद्रावती नदी पर मातनार एवं देउरगांव बैराज व 68 किमी नहर (₹2,024 करोड़), महादेवघाट बैराज (₹100 करोड़) और मद्देमारका डायवर्जन योजना (₹110 करोड़) जैसी योजनाएं बस्तर की कृषि को स्थायी और समृद्ध बनाएंगी।
बस्तर विकास प्राधिकरण को सशक्त समर्थन
बस्तर विकास प्राधिकरण हेतु ₹75 करोड़ का प्रावधान क्षेत्रीय योजनाओं के प्रभावी और त्वरित क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगा।
विकसित छत्तीसगढ़ की ओर मजबूत कदम मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि यह बजट वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए अतिरिक्त संसाधनों के सृजन का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह न केवल विकास की गति को तेज करेगा, बल्कि किसान, श्रमिक, युवा, उद्यमी और वनवासी—हर वर्ग के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाएगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह बजट ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को साकार करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा और बस्तर को आत्मनिर्भर, सुरक्षित व समृद्ध बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल
