
पलामू, 24 फ़रवरी (हि.स.)। पलामू जिले के पांकी प्रखंड के डंडार कला स्थित मजदूर किसान इंटर महाविद्यालय में 11वीं की परीक्षा से ठीक पहले बड़ी लापरवाही सामने आयी है। 25 फरवरी से प्रस्तावित परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र वितरण के दौरान नामांकित 391 छात्र-छात्राओं को एडमिट कार्ड नहीं मिला है, जिससे छात्रों में भारी आक्रोश है।

सोमवार को बसडीहा मुख्य सड़क पर जोरदार हंगामा और विरोध दर्ज करने के बाद मंगलवार को पुनः बसडीहा में ही पांकी-मेदिनीनगर मुख्य पथ को जाम कर दिया गया। धरना प्रदर्शन किया गया। पुलिस एवं सिविल प्रशासन की टीम ने उन्हें समझाया एवं जाम हटाया।

उल्लेखनीय है कि पिछले दो दिनों से महाविद्यालय में प्रवेश पत्र का वितरण किया जा रहा था। इसी दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को पता चला कि उनका प्रवेश पत्र जारी नहीं हुआ है। इससे आक्रोशित छात्रों ने पहला दिन सोमवार को महाविद्यालय परिसर में प्राचार्य अवध बिहारी सिंह के समक्ष प्रदर्शन किया। बाद में छात्रों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना मिलने पर पांकी पुलिस मौके पर पहुंची और समझा कर जाम हटवाया था।
मामले की जानकारी मिलते ही अभिभावक भी महाविद्यालय पहुंचे। प्रखंड प्रमुख पंचम प्रसाद ने छात्रों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली और इस लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने प्राचार्य अवध बिहारी सिंह तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी से बात कर तत्काल समाधान की मांग की। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे छात्रों और अभिभावकों के साथ महाविद्यालय परिसर में धरना देंगे।
इधर, धरना दे रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि 25 फरवरी से परीक्षा निर्धारित है, लेकिन प्रवेश पत्र नहीं मिलने से उनका भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महाविद्यालय प्रशासन ने पूर्व में किसी प्रकार की सूचना नहीं दी और कॉलेज पहुंचने पर ही गड़बड़ी की जानकारी मिली।
इस संबंध में प्राचार्य अवध बिहारी सिंह ने कहा कि वे छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर हैं और शिक्षा विभाग तथा जैक रांची के अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं। अधिकारियों द्वारा वंचित छात्रों की परीक्षा अगले माह आयोजित कराने का आश्वासन दिया गया है।
बताया जाता है कि कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय में निर्धारित सीटों से अधिक 391 छात्रों का नामांकन लिया गया, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। नामांकन के समय छात्रों से 2700 रुपये तथा पंजीयन के लिए 1250 रुपये शुल्क भी लिया गया था। अब परीक्षा से वंचित किए जाने पर छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार
