नालंदा, बिहारशरीफ 25 फ़रवरी (हि.स.)।भारत सरकार के दिशा-निर्देश में एमएसएमई विकास कार्यालय पटना द्वारा आज बुधवार को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जिला उद्योग केन्द्र बिहारशरीफ के परिसर में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में एमएसएमई इकाइयों के प्रतिनिधि एवं योजना के लाभार्थी शामिल हुए।कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि सचिन कुमार महाप्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र, नालन्दा तथा श्रीकांत सिंह, अग्रणी जिला प्रबंधक, नालन्दा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

मौके पर अग्रणी जिला प्रबंधक श्रीकांत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों और सूक्ष्म उद्यमियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 18 पारंपरिक व्यवसायिक संकायों को एमएसएमई से जोड़कर उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे कारीगर आत्मनिर्भर बन सकें।

तकनीकी सत्र में डॉ. रोचक राठौर ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की प्रमुख विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने 26 जनवरी समारोह एवं दिल्ली हाट जैसे राष्ट्रीय मंचों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों में उत्पादों की प्रदर्शनी से स्थानीय कारीगरों को व्यापक पहचान मिलती है और बाजार का दायरा बढ़ता है।विज्ञापन एवं पैकेजिंग प्रमोशन पर सत्र का संचालन करते हुए संजीत राज ने बताया कि प्रभावी ब्रांडिंग, आकर्षक पैकेजिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। अंत में डॉ. रोचक राठौर ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया
—————
हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे
