शिमला, 25 फ़रवरी (हि.स.)। शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के चिडग़ांव से तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के मामले ने बुधवार को बड़ा कानूनी और प्रशासनिक विवाद खड़ा कर दिया। हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर चिडग़ांव थाने में अपहरण (किडनैपिंग) का मामला दर्ज किया है। देर शाम अदालत में पेशी के बाद दिल्ली पुलिस आरोपियों को लेकर रवाना तो हुई, लेकिन शोघी बैरियर पर शिमला पुलिस ने उन्हें फिर रोक लिया। खबर लिखे जाने तक देर रात दोनों राज्यों की पुलिस आमने-सामने थीं और तीनों युवकों को भी रोके रखा गया था।

पुलिस के मुताबिक बुधवार सुबह शिमला पुलिस को सूचना मिली कि करीब 15–20 अज्ञात लोग सादे कपड़ों में गाड़ियों में आए और चिरगांव के माण्डली स्थित एक रिसोर्ट में ठहरे तीन मेहमानों को जबरन अपने साथ ले गए। शिकायत में यह भी कहा गया कि वे अतिथियों की थार गाड़ी भी साथ ले गए और चांशल रिसोर्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर बिना किसी फर्द या रसीद के अपने कब्जे में लेकर चले गए।

इस सूचना के आधार पर थाना चिडग़ांव में मामला दर्ज किया गया और विधिसम्मत जांच शुरू कर दी गई। बाद में स्पष्ट हुआ कि कार्रवाई दिल्ली पुलिस की टीम ने की थी, जो एआई समिट में हुए कथित हंगामे और शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में यूथ कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को पकड़ने आई थी।
जानकारी अनुसार बुधवार तड़के दिल्ली पुलिस ने रोहड़ू क्षेत्र में छिपे इन तीनों युवकों को हिरासत में लिया। बताया गया कि वे चिड़गांव इलाके के एक निजी रिसोर्ट में ठहरे हुए थे। दिल्ली पुलिस उन्हें अपने साथ दिल्ली ले जा रही थी, तभी हिमाचल पुलिस हरकत में आई।
जिला पुलिस ने कंडाघाट और शोघी बैरियर पर संबंधित वाहनों को रोक लिया। हिमाचल पुलिस का कहना था कि अंतरराज्यीय कार्रवाई के नियमों के तहत स्थानीय पुलिस को पहले सूचना देना जरूरी होता है जो इस मामले में नहीं दी गई। इसके बाद तीनों युवकों को दिल्ली पुलिस टीम सहित जिला न्यायालय चक्कर, शिमला लाया गया।
बालूगंज पुलिस की ओर से दिल्ली पुलिस के खिलाफ एसीजेएम कोर्ट में निजी शिकायत भी दायर की गई, जिसे अदालत ने अगली तारीख के लिए सूचीबद्ध कर दिया। दिनभर चली कानूनी प्रक्रिया के दौरान शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी परिसर में मौजूद रहे।
शाम करीब 7 बजकर 20 मिनट पर दिल्ली पुलिस तीनों यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अपने वाहन में बैठाकर शिमला-कालका हाईवे की ओर रवाना हो गई। हालांकि कुछ ही देर बाद शोघी बैरियर पर शिमला पुलिस ने काफिले को फिर रोक लिया। देर रात तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी थी और दोनों राज्यों की पुलिस मौके पर मौजूद थीं।
इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराज्यीय पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया और समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले में आगे कानूनी स्थिति अदालत की अगली सुनवाई में साफ हो सकती है।
इस बीच नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमाचल सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के काम में इस तरह दखल देना दुखद है और एआई इंपैक्ट समिट देश की छवि से जुड़ा कार्यक्रम था। उनका आरोप है कि कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और राज्य सरकार इस पूरे प्रकरण में सहयोगी दिख रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि अंतरराज्यीय ऑपरेशन में हिमाचल पुलिस को दिल्ली पुलिस का सहयोग करना चाहिए था, लेकिन इसके उलट उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की गई। उन्होंने राज्य सरकार पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
