भुवनेश्वर, 26 फ़रवरी (हि.स.)। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आज नई दिल्ली में ओडिशा भवन के नए भवन के निर्माण हेतु शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भवन की वास्तुकला में ओडिशा की समृद्ध कला, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।

सरकार के अनुसार, पुराना भवन जर्जर होने के साथ-साथ स्थान और सुविधाओं की दृष्टि से वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं रह गया था, इसलिए आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर नया परिसर तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित भवन में तीन बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर तथा उसके ऊपर छह मंजिलें होंगी। इसमें अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त 45 सुइट बनाए जाएंगे। प्रथम तल पर प्रदर्शनी क्षेत्र और द्वितीय तल पर लगभग 70 सीटों की क्षमता वाला सम्मेलन कक्ष भी विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और शीघ्र ही निर्माण कार्य आरंभ होगा। भवन निर्माण पर कुल 93.27 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में ओडिशा भवन स्थापित कर प्रशासनिक समन्वय और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसी क्रम में भविष्य में अयोध्या, बेंगलुरु और सूरत में भी ओडिशा भवन निर्मित किए जाएंगे, जिसके लिए संबंधित राज्यों से भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कोलकाता, चेन्नई और मुंबई में ओडिशा भवन पहले से हैं तथा मुंबई में एक अतिरिक्त भवन निर्माण का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। इन सभी भवनों और सदनों के रखरखाव के लिए एक अलग समर्पित डिवीजन स्थापित किया जाएगा।
जनसुविधा के दृष्टिकोण से राज्य सरकार भुवनेश्वर के मास्टर कैंटीन चौक के निकट एक ‘जनआश्रय भवन’ भी बनाएगी, जहां विभिन्न जिलों से आने वाले लोगों के लिए रियायती दर पर तीन दिनों तक ठहरने की व्यवस्था उपलब्ध होगी।
नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम, ओडिशा के लोक निर्माण मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, बरगढ़ सांसद प्रदीप पुरोहित तथा लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव संजय कुमार सिंह सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो
