सुपौल, 26 फ़रवरी (हि.स.)। जिला अभियंत्रण महाविद्यालय परिसर से बुधवार को ‘भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी बस’ को विधिवत हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह कार्यक्रम 26 फरवरी से 10 मार्च तक संचालित किया जाएगा। यह पहल विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, पटना तथा बिहार राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, पटना के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के विभिन्न विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं तक प्रयोगात्मक एवं व्यवहारिक वैज्ञानिक ज्ञान पहुंचाना है। निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार विज्ञान रथ अलग-अलग स्कूलों का भ्रमण करेगा और विद्यार्थियों को विज्ञान से संबंधित विभिन्न मॉडल, प्रयोग तथा आधुनिक तकनीकों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कराया जाएगा। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को कक्षा की पढ़ाई के साथ-साथ व्यवहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा।

कार्यक्रम के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. एन. मिश्रा, कार्यक्रम समन्वयक आशीष आनंद एवं सुनील कुमार साहू सहित प्राध्यापकगण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
प्राचार्य डॉ. ए. एन. मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि यह पहल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार की भावना तथा तार्किक सोच को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए यह कार्यक्रम अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा, क्योंकि इससे उन्हें आधुनिक वैज्ञानिक प्रयोगों और तकनीकों को नजदीक से देखने-समझने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम समन्वयकों ने बताया कि विज्ञान रथ के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक अधिगम का अवसर प्राप्त होगा, जिससे वे विज्ञान को न केवल समझ सकेंगे, बल्कि उसे व्यवहार में भी लागू कर पाएंगे।राज्य में वैज्ञानिक चेतना के प्रसार और नवाचार संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र
