शिमला, 26 फ़रवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में कूरियर सेवाओं को नई गति देने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने निजी क्षेत्र की कंपनी डीटीडीसी एक्सप्रेस लिमिटेड के साथ समझौता किया है। यह करार गुरूवार को किया गया। इसके तहत अब डीटीडीसी के कूरियर पार्सल एचआरटीसी की बसों के जरिए राज्यभर में पहुंचाए जाएंगे। इससे दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों तक पार्सल पहुंचाने में तेजी आएगी।

एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि इस प्रस्ताव को निगम के निदेशक मंडल ने अपनी पिछली बैठक में मंजूरी दी थी। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी का रूट नेटवर्क हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को जोड़ता है। इसका लाभ अब कूरियर सेवाओं को भी मिलेगा। उनके मुताबिक इस व्यवस्था से लोगों को समय पर, सुरक्षित और अधिक भरोसेमंद डिलीवरी सुविधा मिल सकेगी।

एचआरटीसी प्रबंधन के अनुसार इस समझौते के तहत डीटीडीसी के कंसाइनमेंट एचआरटीसी की बसों में एंड-टू-एंड आधार पर ढोए जाएंगे। इसके लिए बसों में उपलब्ध लगेज स्पेस का बेहतर उपयोग किया जाएगा। निगम को उम्मीद है कि इससे यात्रियों से मिलने वाले किराये के अलावा अतिरिक्त आय भी होगी, जिससे उसकी गैर-भाड़ा (नॉन-फेयर) कमाई बढ़ेगी।
समझौते में पार्सलों की सुरक्षित ढुलाई के लिए स्पष्ट संचालन प्रक्रिया, सुरक्षा प्रोटोकॉल और जरूरी सावधानियां तय की गई हैं। एचआरटीसी का कहना है कि इससे पार्सलों की हैंडलिंग और आवाजाही सुचारु तरीके से हो सकेगी और किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम रहेगी।
डॉ. निपुण जिंदल ने यह भी बताया कि एचआरटीसी भविष्य में अन्य निजी कूरियर कंपनियों के साथ भी बातचीत कर रहा है। उनका कहना है कि निगम अपनी अतिरिक्त आय बढ़ाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए ऐसे और समझौते करने की दिशा में काम कर रहा है।
बता दें कि प्रदेश में एचआरटीसी के बेड़े में करीब 3 हज़ार बसें हैं। प्रदेश के कोने-कोने खासकर दूरदराज व ग्रामीण इलाकों में एचआरटीसी की बस सेवा उपलब्ध है। इसके अलावा अंतरराज्यीय रूटों पर भी एचआरटीसी अपनी सेवाएं दे रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
