रायपुर, 27 फ़रवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार काे राज्य में घुमंतू पशुओं के रख-रखाव और संरक्षण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का मुद्दा उठा। प्रश्नकाल के दौरान विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि आप लोग गौमाता के नाम से वोट मांगा है, तो उन्हें राष्ट्रमाता घोषित कर दिया जाना चाहिए।

विधायक कुंवर सिंह निषाद ने प्रश्नकाल में सवाल किया कि घुमंतू पशुओं के रख-रखाव संरक्षण के लिए राज्य में कौन-कौन सी योजना चल रही है। मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि पशुधन विभाग से जो योजना चल रही है, उसमें आदर्श गोधाम, गोकुल धाम गौ अभ्यारण योजना है। विधायक ने इस पर सवाल किया कि कितने पशुओं का रख-रखाव योजना के माध्यम से हो रहा है। इस पर मंत्री ने कहा कि गोधाम योजना के तहत 620 पशुओं के संरक्षण ओर व्यवस्थाओं के लिए इतंजाम किया गया है। कई सारे जगह में कार्य प्रक्रियाधीन हैं, उसे जल्द चालू करेंगे।

इस पर विधायक ने सवाल किया कि 620 पशुओं के चारा-पानी की व्यवस्था सरकार कर रहा है या कोई और कर रहा है? इस पर मंत्री ने बताया कि 36 गोठानों में गौधाम की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई गई है। जब राशि पंजीकृत संस्थाओं को दिया जाता है, तो वो उसका सही उपयोग किया जाता है। इस पर विधायक ने स्वीकृत राशि निरंक होने की जानकारी दी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि 36 गोठानों में पशुओं को रखने का व्यवस्था करेंगे। प्रदेश में घुमंतू आवारा पशुओं को हम संरक्षित रखने का कार्य कर रहे हैं।
विधायक ने सवाल किया कि ये गोठान कहां-कहां संचालित है। मंत्री ने बताया कि दो गोठान तखतपुर-बिलासपुर और साजा-बेमेतरा और राजपुर-मरवाही में. संचालित है। इस तरह से 11 जगह गोठान खुले हैं और 3 जगह संचालित है। विधायक ने इस पर सवाल किया कि संचालित करने के लिए अभी ठोस कार्य योजना नहीं है? मंत्री ने बताया कि जितने भी घुमंतू पशु है वह नगरीय क्षेत्र में है और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग है। रख-रखाव हमारा काम नहीं है संरक्षण से संबंधित हमारा कार्य है।
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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल
