कोलकाता, 27 फ़रवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल सरकार अगले शैक्षणिक सत्र से उच्च माध्यमिक स्तर पर कई समकालीन और प्रोजेक्ट-आधारित नए विषय शुरू करने जा रही है। शुक्रवार को एक अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य छात्रों की रुचि बढ़ाना और पढ़ाई को आधुनिक शैक्षणिक व करियर जरूरतों के अनुरूप बनाना है।

पश्चिम बंगाल उच्च माध्यमिक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष चिरंजीब भट्टाचार्य ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में शुरू किए गए कुछ विषयों को अब काउंसिल असिस्टेड कोर्स के अंतर्गत लाया जाएगा। इसके तहत परिषद स्कूल समय के बाद छात्रों के लिए नियमित ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करेगी।

सीएसी के तहत जिन विषयों को शामिल किया जा रहा है, उनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस, एप्लाइड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी शामिल हैं।
इसके अलावा परिषद काउंसिल टॉट कोर्स के अंतर्गत नए प्रोजेक्ट-आधारित विषय भी शुरू करेगी, जिनकी शिक्षण व्यवस्था सीधे परिषद के नियंत्रण में होगी। ये पाठ्यक्रम मुख्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से संचालित किए जाएंगे, हालांकि आवश्यकता पड़ने पर जिला स्तर पर ऑफलाइन कक्षाएं भी आयोजित की जा सकती हैं।
सीटीसी के अंतर्गत प्रस्तावित विषयों में उद्यमिता और संबंधित कानूनी अधिकार, बौद्धिक संपदा अधिकार और कानून, इंडोलॉजी और सतत विकास एवं वैश्विक नागरिकता शामिल हैं।
चिरंजीब भट्टाचार्य ने बताया कि निर्धारित मानदंडों के आधार पर स्कूल इन विषयों को पढ़ाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। परिषद छात्रों और उनके द्वारा चुने गए विषयों का एक केंद्रीकृत डाटाबेस भी बनाएगी। योग्य विषय विशेषज्ञ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से कक्षाएं लेंगे, जिनमें लाइव सत्रों के साथ-साथ रिकॉर्डेड लेक्चर भी शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पाठ्यक्रम का आधुनिकीकरण करना और इसे वर्तमान समय की शैक्षणिक तथा व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है।
भट्टाचार्य ने कहा कि ये विषय समकालीन और बहुविषयक हैं, जो छात्रों में नई रुचि पैदा करेंगे और उन्हें आज की दुनिया में जरूरी ज्ञान और कौशल से लैस करेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि इन पाठ्यक्रमों के संचालन से जुड़ी विस्तृत दिशा-निर्देश और रूपरेखा जल्द ही एक आधिकारिक अधिसूचना के जरिए जारी की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय
