पूर्वी चंपारण,01 मार्च (हि.स.)। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थित केंद्रीय पुस्तकालय में उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने तथा पुस्तकालय प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।

पुस्तकालय में अत्याधुनिक रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) प्रणाली का विधिवत उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव द्वारा किया गया। यह पहल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक अधोसंरचना को सुदृढ़ एवं तकनीक-संपन्न बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

उद्घाटन के अवसर पर कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि RFID तकनीक का कार्यान्वयन केंद्रीय पुस्तकालय को ‘स्मार्ट लाइब्रेरी’ में रूपांतरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि यह प्रणाली पुस्तकालय संचालन को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाएगी, जिससे शिक्षक, विद्यार्थी एवं शोधार्थी प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कम समय व्यतीत कर अध्ययन एवं शोध पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित पुस्तकालय व्यवस्था ज्ञानार्जन की प्रक्रिया को सरल, त्वरित एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनाती है तथा विश्वविद्यालय निरंतर अपने शैक्षणिक संसाधनों के उन्नयन के लिए प्रतिबद्ध है। यह तकनीकी उन्नयन विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय के आधुनिकीकरण की व्यापक एवं सतत प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे देश के अग्रणी उच्च शिक्षण संस्थानों में अपनाई जा रही आधुनिक पुस्तकालय प्रणालियों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
RFID प्रणाली के माध्यम से पुस्तकों का स्वचालित निर्गमन एवं वापसी, बेहतर सुरक्षा, त्वरित सूची प्रबंधन तथा उपयोगकर्ता सुविधा में उल्लेखनीय सुधार सुनिश्चित होगा।
उद्घाटन समारोह के दौरान केंद्रीय विश्वविद्यालय गुजरात, वडोदरा के पूर्व कुलपति प्रो. रामाशंकर दुबे, एमजीसीयू के मुख्य प्रॉक्टर प्रो. प्रसून दत्त सिंह, आईयूसीटीई, बीएचयू वाराणसी के प्रो. आशीष श्रीवास्तव, प्रो. शहाना मजूमदार, डॉ. कुंदन रज़ाक, डॉ. मधु पटेल, डॉ. पथलोथ ओंकार, शोधार्थीगण एवं केंद्रीय पुस्तकालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / आनंद कुमार
