कठुआ, 04 मार्च (हि.स.)। जिला कठुआ में इस समय गेहूं की फसल पानी की भारी कमी के कारण संकट में है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व एमएलसी सुभाष गुप्ता ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और उपायुक्त कठुआ राजेश शर्मा से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि रावी नहर और उसकी सहायक नहरों में जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो जिले के हजारों किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

सुभाष गुप्ता ने बताया कि जिले में लगभग 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल खड़ी है जो इस समय सिंचाई के अभाव में सूखने लगी है। खासकर कंडी और सीमावर्ती क्षेत्रों के करीब 70 हजार किसान इस समस्या से प्रभावित हो रहे हैं। 23 जनवरी के बाद से क्षेत्र में बारिश नहीं होने के कारण खेतों में नमी पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल इस समय सिंचाई के महत्वपूर्ण चरण में है और यदि समय पर पानी नहीं मिला तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन का ध्यान इस ओर दिलाते हुए कहा कि नहरों की वार्षिक सफाई जरूरी है लेकिन यह कार्य किसानों की आजीविका को दांव पर रखकर नहीं होना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि सफाई कार्य को युद्ध स्तर पर तेजी से पूरा किया जाए और तुरंत रावी नहर में पानी छोड़ा जाए ताकि कंडी क्षेत्र से लेकर अंतिम छोर तक किसानों के खेतों को पर्याप्त पानी मिल सके। गुप्ता ने कहा कि किसान तीन महीनों से कड़ी मेहनत कर फसल तैयार करते हैं। आज जब फसल को पानी की सबसे अधिक जरूरत है उस समय नहरों में पानी बंद होना किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। जिले के ग्रामीण इलाकों में किसानों के बीच चिंता का माहौल है। कई किसानों का कहना है कि यदि एक-दो सिंचाई भी समय पर मिल जाए तो फसल को काफी हद तक बचाया जा सकता है। ऐसे में प्रशासन से जल्द निर्णय की उम्मीद की जा रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर स्थिति को कितनी तेजी से संज्ञान में लेकर आवश्यक कदम उठाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रमेश गुप्ता
