तेहरान/तेल अवीव/ वाशिंगटन/कोलंबो/दोहा, 05 मार्च (हि.स.)। ईरान पर अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले के बाद समूचा मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) रणभूमि बना हुआ है। हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई और परिवार के सदस्यों की मौत हो चुकी है। ईरान में हालात इतने मुश्किल हो गए हैं कि खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक करने के सभी कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिए हैं। अमेरिका-इजराइल और ईरान के आक्रामक तेवरों से उठ रही युद्ध की लपटों से व्यापक तबाही हुई है। ईरान के एक युद्धपोत को निशाना बनाकर श्रीलंका में डुबो दिया गया है। इसमें 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए हैं। सैन्य संघर्ष में उलझे राष्ट्रों का एक-दूसरे को धमकी देने का सिलसिला जारी है।

सीएनएन, सीबीएस न्यूज, द टाइम्स ऑफ इजराइल और कुछ अन्य प्रभावी समाचार प्रसारण केंद्रों की रिपोर्ट्स में इस घटनाक्रम पर व्यापक चर्चा की गई है। इनका निचोड़ है कि यह युद्ध लंबा खिंच सकता है। ईरान ने धमकी दी है कि अगर इजराइल और अमेरिका के इस्लामिक रिपब्लिक पर हमले जारी रहेंगे तो वह डिमोना न्यूक्लियर साइट को निशाना बनाएगा। उधर, ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल के दागने से मध्य इजराइल में रातभर खतरे के सायरन बजते रहे। इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने लोगों को तत्काल इलाका खाली करने की चेतावनी जारी की है। इसके बाद आईडीएफ ने बेरूत में हिजबुल्लाह के गढ़ पर हमला किया है।

यूएस चार्टर्ड उड़ान मिडिल ईस्ट से निकली
इजराइल की मैगन डेविड एडोम एम्बुलेंस सर्विस ने कहा है कि ईरान के नए बैलिस्टिक मिसाइल हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। उधर, कतर ने सावधानी बरतते हुए अमेरिकन एंबेसी के आसपास के इलाके से लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा कि देश के नागरिकों के लिए यूएस चार्टर्ड उड़ान मिडिल ईस्ट से निकल चुकी है। युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली उड़ान बताई जा रही है। स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा है कि उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाएगी। यूएई, कतर, सऊदी अरब और इजराइल में रह रहे लोग अगर स्वदेश लौटना चाहते हैं तो क्राइसिस इनटेक फॉर्म भरें या स्टेट डिपार्टमेंट की 24/7 टास्क फोर्स से +1-202-501-4444 पर संपर्क करें।
हिजबुल्लाह के गढ़ और अमेजन डेटा सेंटर पर हमला
इजराइल ने कहा कि उसने तेहरान के साथ-साथ बेरूत में हिजबुल्लाह के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला शुरू कर दिया है। ईरान ने कहा है कि उसने बहरीन में एक अमेजन डेटा सेंटर पर ड्रोन हमला किया है। इस बीच अमेरिका में रिपब्लिकन ने उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिसका मकसद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तेहरान के खिलाफ भविष्य की यूएस मिलिट्री कार्रवाई के लिए कांग्रेस से मंजूरी लेने की जरूरत थी। पेंटागन ने रविवार को कुवैत में ड्रोन हमले में मारे गए दो सदस्यों की पहचान कर ली है।
ईरान में अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की मौत
अमेरिका की एक मानवाधिकार एजेंसी के मुताबिक, इस अमेरिका और इजराइल के हमले में अब तक ईरान के अंदर 1,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। रक्षामंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने ईरान पर युद्ध को और तेज कर दिया है। तुर्किये से श्रीलंका तक मौजूद ईरान के सैन्य साजो सामान को लक्ष्य किया गया है। इजराइल भी तेहरान और लेबनान में तेज हमले कर रहा है। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। इस बीच ईरानी सरकार ने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम तीन दिन टाल दिया गया है।
ईरान के 32 नौसैनिक घायल
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने कहा कि उम्मीद है कि आज और कल लगभग 6,500 लोग मिडिल ईस्ट से स्वदेश पहुंच जाएंगे। उड़ानों की संख्या बढ़ाने के साथ अन्य विकल्पों पर ठोस निर्णय लिया जा चुका है। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने भारत से लौट रहे एक ईरानी युद्धपोत को श्रीलंका के पास हमला कर डुबा दिया है। हमले में अब तक 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए हैं। श्रीलंका की नौसेना ने 32 घायल नौसैनिकों का रेस्क्यू कर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है। इसमें लगभग 180 नौसैनिक सवार थे। यह ईरानी युद्धपोत पिछले महीने भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर लौट रहा था। श्रीलंकाई अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 6 से 7 बजे के बीच (भारतीय समय के मुताबिक) यह युद्धपोत दक्षिणी श्रीलंका के गाले शहर से करीब 40 समुद्री मील (करीब 75 किलोमीटर) दूर था।
17,500 से अधिक अमेरिकी सुरक्षित लौटे
अमेरिका ने कहा है कि 28 फरवरी से अब तक 17,500 से अधिक अमेरिकी नागरिक मध्य पूर्व से सुरक्षित रूप से स्वदेश लौट चुके हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के मीडिया नोट में सहायक विदेश सचिव डिलन जॉनसन ने कहा कि अकेले मंगलवार को ही 8,500 से अधिक अमेरिकी नागरिक अमेरिका लौटे। अमेरिका ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा जोखिमों के बीच अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए निकासी और सहायता प्रयास तेज कर दिए हैं। उधर, इंटरनेट मॉनिटरिंग संगठन नेटब्लाक्स ने बताया है कि ईरान लगभग 100 घंटे से इंटरनेट कनेक्टिविटी से लगभग पूरी तरह कट गया है। यह इस साल दूसरी बार है जब ईरान में इस तरह का इंटरनेट शटडाउन लागू किया गया है।
ईरान की इजरायल के परमाणु केंद्र को निशाना बनाने की धमकी
एक ईरानी सैन्य अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजराइल इस्लामिक गणराज्य में शासन परिवर्तन की कोशिश करते हैं तो ईरान इजरायल के डिमोना परमाणु केंद्र को निशाना बना सकता है। इरना न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस अधिकारी ने कहा कि ऐसी किसी भी कोशिश की स्थिति में दक्षिणी इजरायल में स्थित इस परमाणु सुविधा पर हमला किया जा सकता है।
अमेरिकी समर्थन से कुर्द लड़ाकों की ईरान में उतरने की तैयारी
उत्तरी इराक में स्थित कुर्द ईरानी असंतुष्ट समूह अमेरिकी समर्थन से ईरान में संभावित सीमा पार सैन्य अभियान की तैयारी में हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने इराकी कुर्दों से ईरान में संभावित सीमा-पार सैन्य अभियान में सहयोग करने का अनुरोध किया है। उत्तरी इराक के अर्ध स्वायत्त कुर्द क्षेत्र में स्थित कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी के अधिकारी खलील नादिरी ने बताया कि कुछ कुर्द बलों को सुलेमानीया प्रांत में ईरान की सीमा के पास के इलाकों में तैनात किया गया है। वह आदेश मिलते ही हमला कर देंगे। नादिरी ने कहा कि संभावित सैन्य अभियान के लिए कुर्द विपक्षी समूहों के नेताओं से अमेरिकी अधिकारियों ने संपर्क किया था।
और क्या हो रहा है…
-इराक के प्रमुख शिया धर्मगुरु अयातुल्ला अली अल-सिस्तानी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने और संघर्ष को और फैलने से रोकने के प्रयास करने की अपील भी की।
-मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन ने ईरान के राजदूत को तलब किया है। ब्रिटेन का आरोप है कि क्षेत्र में तनाव बढ़ाने में तेहरान की भूमिका रही है। ब्रिटेन के फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस ने एक बयान में कहा कि मध्य पूर्व मामलों के मंत्री हामिश फाल्कनर ने बुधवार को लंदन में ईरान के राजदूत सैयद अली मौसवी को तलब किया।
-अमेरिकी संयुक्त चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष ने कहा कि अमेरिका अब ईरान के भीतर और गहराई तक हमले करना शुरू करेगा। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि तेहरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान अभी बहुत शुरुआती चरण में हैं। अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान में आगे और तीव्र कार्रवाई की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद
