नई दिल्ली, 05 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को यहां जनगणना-2027 के लिए चार डिजिटल प्लेटफॉर्म का सॉफ्ट लॉन्च किया और प्रगति (महिला) एवं विकास (पुरुष) नामक शुभंकर का अनावरण किया।

यह दुनिया का सबसे बड़ा जनगणना अभियान होगा और पहली बार पूरी जनगणना डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। साथ ही पहली बार नागरिकों को ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ यानी स्वयं ऑनलाइन जानकारी दर्ज कराने का विकल्प भी दिया जाएगा।

सरकारी सूचना के अनुसार उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) द्वारा विकसित किए गए हैं। इनकी मदद से देशभर में जनगणना संचालन को अधिक व्यवस्थित और तकनीक-आधारित बनाया जाएगा।
जनगणना-2027 के लिए बनाए गए शुभंकर ‘प्रगति’ और ‘विकास’ एक महिला और एक पुरुष गणनाकर्मी का प्रतीक हैं। इनके माध्यम से जनगणना से जुड़ी जानकारी और संदेश आम नागरिकों तक सरल और प्रभावी तरीके से पहुंचाए जाएंगे। साथ ही ये पुरुष और महिलाओं की समान भागीदारी के प्रतीक भी हैं, जो वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दर्शाते हैं।
सरकार ने 16 जून 2025 को राजपत्र अधिसूचना जारी कर जनगणना-2027 की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू की थी। यह जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी और इसमें देशभर में 30 लाख से अधिक गणनाकर्मी, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी शामिल होंगे।
पहले चरण ‘गृह-सूचीकरण एवं आवास जनगणना’ के तहत आवास की स्थिति और घरेलू सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। इसके लिए मकान-सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य एक अप्रैल से 30 सितंबर के बीच 30 दिनों की अवधि में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा निर्धारित समय पर किया जाएगा। इस चरण से पहले 15 दिनों की वैकल्पिक स्व-गणना अवधि भी उपलब्ध होगी।
दूसरे चरण ‘जनसंख्या गणना’ के तहत फरवरी 2027 में पूरे देश में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक जानकारी दर्ज की जाएगी। इस चरण में जाति से संबंधित प्रश्न भी शामिल किया जाएगा।
जनगणना-2027 में जानकारी एकत्र करने के लिए सुरक्षित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से घर-घर जाकर डेटा संकलन किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनाई जा सकेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार
