हमीरपुर, 05 मार्च (हि.स.)। हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित हमीर भवन में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) और जिला परामर्श समिति (डीसीसी) की बैठक में भाग लिया। यह बैठक दिसंबर 2025 तिमाही की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी। बैठक का आयोजन लीड बैंक पंजाब नेशनल बैंक द्वारा उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौर की अध्यक्षता में किया गया। इससे पहले क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) अनुपात पर विशेष उप-समिति की बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड के अधिकारी और जिले के सभी अनुसूचित वाणिज्यिक, सहकारी व क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान सांसद अनुराग ठाकुर ने हमीरपुर जिले के क्रेडिट-डिपॉजिट अनुपात को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 तिमाही के अंत तक जिले का सीडी अनुपात केवल 23.39 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय मानक 60 प्रतिशत और हिमाचल प्रदेश के औसत 51.09 प्रतिशत से काफी कम है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से हमीरपुर प्रदेश में सबसे कम सीडी अनुपात वाला जिला बना हुआ है और यह आंकड़ा 22 से 25 प्रतिशत के बीच ही बना हुआ है।

सांसद ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर की जनता अपनी मेहनत की कमाई बैंकों में जमा करती है, इसलिए बैंकों की जिम्मेदारी है कि यह धन ऋण और अवसर के रूप में वापस जनता तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सीडी अनुपात स्वीकार्य नहीं है और इसे बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने लीड बैंक और जिला समन्वय अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैंकवार कार्य योजना बनाकर प्रत्येक तिमाही के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए जाएं। साथ ही आगामी बैठकों में इसकी विशेष समीक्षा की जाएगी और सीडी अनुपात को कम से कम 35 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को ऋण का लाभ मिल सके। साथ ही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / विशाल राणा
