जयपुर, 06 मार्च (हि.स.)। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को राजस्थान विक्षुब्ध क्षेत्रों में स्थावर संपत्ति के अंतरण प्रतिषेध विधेयक पर चर्चा के दौरान सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने तीखे तेवर दिखाते हुए भट्टा बस्ती और शास्त्री नगर क्षेत्रों के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय इन क्षेत्रों में अराजकता के कारण लोगों को पलायन तक करना पड़ा जो बेहद चिंताजनक स्थिति थी।

विधेयक को और प्रभावी बनाने के लिए शर्मा ने संशोधन का सुझाव देते हुए कहा कि अधिकार कलेक्टर के पास होना चाहिए। इससे फैसलों में एकरूपता आएगी और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। शर्मा ने कहा कि गुजरात में इस तरह का कानून वर्षों से लागू है और वहां 25 वर्ष से दंगे नहीं हुए। हमें दंगा नहीं, गंगा चाहिए। उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि अराजकता और जबरन लेन-देन के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून में किसी भी समुदाय का नाम नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि विक्षुब्ध क्षेत्रों में संपत्ति की खरीद-फरोख्त पूरी तरह स्वेच्छा से और बिना किसी दबाव के हो।
विधानसभा में बोलते हुए शर्मा ने मानवता को शर्मसार करने वाले उदयपुर के कन्हैयालाल साहू वीभत्स हत्याकांड का उल्लेख किया और कहा कि उस मामले में मुआवजे में देरी हुई, वहीं जयपुर के गंगापोल में आपसी विवाद में एक युवक की मौत पर तुरंत मुआवजा दिए जाने को लेकर उन्होंने पूर्व सरकार के सांप्रदायिक रवैये पर सवाल उठाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश
