भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल ने नहीं ली उम्मीदवारी वापस

चंडीगढ़, 09 मार्च (हि.स.)। हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन वापसी के अंतिम दिन सोमवार को किसी प्रत्याशी ने अपनी उम्मीदवारी वापस नहीं ली। अब 16 मार्च को मतदान तय हो गया है।
भाजपा प्रत्याशी संजय भाटिया की जीत में कोई बाधा नहीं दिख रही, जबकि कांग्रेस की सीट पर कर्मवीर बौद्ध और सतीश नांदल के बीच वोटिंग से मुकाबला तय है।
दो राज्यसभा सीटों के लिए नाम वापसी की प्रक्रिया खत्म होने के बाद राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल जहां दो दिन के लिे चंडीगढ़ में डेरा डाल रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार रात को पंचकूला में अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ औपचारिक मीटिंग की। इस मीटिंग में राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई। भाजपा ने केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष सांघवी को हरियाणा भेजा है।
हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी बीके हरिप्रसाद भी सोमवार दोपहर को चंडीगढ़ पहुंच गये थे। उनकी हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और पार्टी प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध के साथ बंद कमरे में काफी देर तक चर्चा हुई। शाम को विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कुछ विधायक शामिल नहीं हुए। बैठक में राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई। संभावना जताई जा रही है कि जल्दी ही कांग्रेस के विधायकों को हिमाचल अथवा कर्नाटक में शिफ्ट किया जा सकता है।
हरियाणा की दोनों राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को मतदान है। भाजपा की राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी और रामचंद्र जांगडा का कार्यकाल पूरा होने की वजह से यह दोनों सीटें खाली हो रही हैं। 90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा के मौजूदा आंकड़ों के आधार पर एक सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना मानी जा रही है। विधानसभा में कांग्रेस के 37 विधायक हैं, लेकिन निर्दलीय सतीश नांदल की उम्मीदवारी के बाद क्रास वोटिंग की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। भाजपा को समर्थन दे रहे तीन निर्दलीय तथा सात भाजपा विधायक सतीश नांदल के प्रस्तावक हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा
