जबलपुर, 09 मार्च (हि.स.)। मध्यप्रदेश में स्टाइपेंड बढ़ोतरी और वर्ष 2021 के समझौते को लागू करने की मांग को लेकर चल रही जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल फिलहाल 16 मार्च तक स्थगित कर दी गई है। राज्य सरकार की ओर से सकारात्मक पहल और बातचीत के आश्वासन के बाद जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) ने यह निर्णय लिया है।

प्रदेश भर के करीब आठ हजार से अधिक रेजिडेंट डॉक्टर पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। डॉक्टरों ने ओपीडी और इलेक्टिव सर्जरी का बहिष्कार किया था, हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी रखी गई थीं, ताकि गंभीर मरीजों को परेशानी न हो। इसी बीच जबलपुर पहुंचे मध्यप्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला से जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल मिला। यह मुलाकात मेडिकल कॉलेज में हुई। मुलाकात के बाद संकेत मिले हैं कि सरकार गतिरोध खत्म करने के लिए पीएस स्तर पर बैठक कर समाधान निकालने की दिशा में पहल करेगी।
जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि राज्य सरकार के 7 जून 2021 के आदेश के अनुसार सीपीआई आधारित स्टाइपेंड संशोधन 1 अप्रैल 2025 से लागू होना था, लेकिन अब तक न तो संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया और न ही अप्रैल 2025 से देय एरियर का भुगतान किया गया है। कई बार शासन और संबंधित विभागों को अवगत कराने के बावजूद ठोस निर्णय न होने के कारण डॉक्टरों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
पत्रकारों से चर्चा के दौरान डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने भी कहा कि डॉक्टरों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और जल्द ही सकारात्मक निर्णय की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। गौरतलब है कि जूडा के नेतृत्व में रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न पिछले तीन दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे। डॉक्टर काली पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर रहे थे और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग कर रहे थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक
