– तीन दिन तक कालिदास अकादमी में संगीत पर होगा वैचारिक मंथन

उज्जैन, 10 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में विक्रम उत्सव 2026 के अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “अनहद – संगीत का उद्भव एवं विकास” विषय पर तीन दिवसीय वैचारिक समागम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम आज मंगलवार से प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से अभिरंग सभागार, कालिदास अकादमी, उज्जैन में आयोजित होगा।
महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि इस समागम में देश के प्रख्यात विद्वान और संगीतज्ञ संगीत के उद्भव, विकास तथा भारतीय परंपरा में उसके महत्व पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित, पं. अर्जुन भारद्वाज, शतावधानी आर. गणेश, डॉ. पुरुदधीच, डॉ. श्रीनिवास वरखेड़ी, पं. बालकृष्ण शर्मा, पं. श्रीहरि गोकर, पं. गोस्वामी रणछोड़दास, रुद्रवीणा ज्योति हेगड़े, डॉ. पंकज माला शर्मा तथा डॉ. इन्द्राणी चक्रवर्ती वक्ता के रूप में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण से होगा, जिसमें ध्रुपद संस्थान भोपाल, सप्तक स्कूल ऑफ म्यूजिक अहमदाबाद, मेहर बैंड मेहर, सुश्री सूर्य गायत्री, रुद्रवीणा विदुषी ज्योति हेगड़े एवं मृणालिनी देसाई की प्रस्तुतियां होंगी। समागम के अंतर्गत संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विदुषी देवकी पंडित, पं. रूपक कुलकर्णी (बांसुरी), पं. मैसूर मंजुनाथ (वायलिन) तथा पं. साजन मिश्र अपनी संगीत प्रस्तुतियां देंगे। आयोजकों ने संगीत प्रेमियों, शोधार्थियों एवं नागरिकों से इस तीन दिवसीय आयोजन में सहभागिता करने का आग्रह किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर
