आईटीआई में जल महोत्सव कार्यक्रम आयोजित

यमुनानगर, 10 मार्च (हि.स.)। यमुनानगर में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और वासो के सहयोग से आईटीआई परिसर में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को पानी की बचत, जल स्रोतों के संरक्षण तथा सुरक्षित पेयजल के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुदेशक निर्मल सैनी ने की, जबकि संस्थान के प्रिंसिपल भूपेंद्र सांगवान और वाइस प्रिंसिपल दीपेश महेंद्रु सहित अन्य अधिकारी और स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता के रूप में जिला सलाहकार रजनी गोयल ने मंगलवार काे विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने बताया कि जिले में 8 मार्च से 22 मार्च तक जल महोत्सव पखवाड़ा मनाया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को पानी बचाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ते भूजल दोहन और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के कारण जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, जो भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को पानी के उपयोग में सावधानी बरतनी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अनावश्यक रूप से नल खुले न छोड़ें, जरूरत के अनुसार ही पानी का उपयोग करें और वर्षा जल संचयन जैसी तकनीकों को अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-180-5678 के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि इस नंबर पर पेयजल और सीवरेज से संबंधित समस्याओं की शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। जिला लैब से जुड़े विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को फील्ड टेस्टिंग किट और अन्य उपकरणों की सहायता से पानी की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया का प्रदर्शन कर समझाया। साथ ही यह भी बताया गया कि जिला लैब में लोग अपने पानी के नमूनों की जांच करवा सकते हैं।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विद्यार्थियों और स्टाफ को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया गया और सभी से पानी की बचत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की गई।
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार
