रांची, 10 मार्च (हि.स.)। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दसवें दिन मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हल्की बहस देखने को मिली। मामला मैक्लुस्कीगंज को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और क्षेत्र में ईंट-भट्टों तथा क्रेशरों से हो रहे प्रदूषण से जुड़ा था।

सदन में यह मुद्दा विधायक प्रकाश राम ने उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध मैक्लुस्कीगंज को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में चल रहे ईंट-भट्टों और क्रेशर से फैल रहे प्रदूषण पर भी चिंता जताई।
इस पर खान विभाग के मंत्री योगेंद्र महतो ने जवाब देते हुए कहा कि मैक्लुस्कीगंज को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का विषय उनके विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला अन्य विभागों से जुड़ा हुआ है, जबकि खान विभाग केवल क्रेशर और ईंट-भट्टों से संबंधित मामलों पर ही जवाब दे सकता है।
मंत्री के जवाब पर विधायक प्रदीप यादव ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सदस्यों के सवाल जिस विभाग से संबंधित हों, उन्हें सही विभाग तक पहुंचाने की जिम्मेदारी विधानसभा सचिवालय की होनी चाहिए, ताकि सदन में स्पष्ट और सटीक जवाब मिल सके।
इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी सरकार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मंत्रियों को सदन में आने से पहले पूछे गए सवालों को लेकर पूरा होमवर्क करके आना चाहिए। इससे सदस्यों को स्पष्ट जानकारी मिलती है और सदन की कार्यवाही भी सुचारु रूप से चलती है।
सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार के सभी मंत्री पूरी जिम्मेदारी के साथ सदन में आते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इस प्रश्न को पर्यटन विभाग को भेजा जा सकता है और इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया जा सकता है, ताकि संबंधित विभाग इस पर विस्तृत जवाब दे सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे
