कैथल, 10 मार्च (हि.स.)। उपायुक्त अपराजिता ने मंगलवार काे गांव फरल स्थित राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय का दौरा कर बच्चों के साथ जॉयफुल एक्टिविटी में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ खेल-खेल में सीखने वाली कई गतिविधियां करवाईं और उन्हें पढ़ाई के साथ रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

डीसी ने बच्चों को समझाते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेना भी उतना ही जरूरी है। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे विषयों को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं। उन्होंने अध्यापकों को निर्देश दिए कि वे पढ़ाने के ऐसे रोचक तरीके अपनाएं, जिनसे बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़े और वे सीखने की प्रक्रिया का आनंद लें।
दौरे के दौरान डीसी अपराजिता ने कक्षा चौथी और पांचवीं में जाकर बच्चों के साथ अलग-अलग गतिविधियों में भाग लिया। उन्होंने पानी से भरी बाल्टी में कक्षा में मौजूद विभिन्न वस्तुओं को डालकर डूबने और तैरने की प्रक्रिया के माध्यम से घनत्व का सिद्धांत समझाया। इसके अलावा चित्र पहचानकर उनसे संबंधित बातें लिखने जैसी गतिविधियों के माध्यम से भी बच्चों को सीखने का अवसर दिया।
डीसी ने कहा कि जॉयफुल एक्टिविटी का उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में व्यावहारिक ज्ञान देना और उनके अंदर आत्मविश्वास विकसित करना है। उन्होंने कहा कि केवल किताबों का ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रैक्टिकल नॉलेज भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जब बच्चे खुद प्रयोग करते हैं तो उनकी समझ अधिक गहरी होती है। उन्होंने अधिकारियों और शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बच्चों को सवाल पूछने के लिए प्रोत्साहित करें ताकि उनकी झिझक दूर हो और वे खुलकर अपनी जिज्ञासाएं व्यक्त कर सकें। इस मौके पर मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी दिव्यता मैहर, जिला गणित विशेषज्ञ छत्रपाल, जिला विज्ञान विशेषज्ञ सुशील कुमार, विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित अन्य शिक्षक व अधिकारी भी उपस्थित रहे
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे
