– अमृत-2.0 मिशन की समीक्षा बैठक: रेड लिस्ट से 29 परियोजनाएं बाहर

भोपाल, 10 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने मंगलवार को अमृत-2.0′ मिशन के अंतर्गत संचालित जल प्रदाय एवं सीवरेज परियोजनाओं की प्रगति की व्यापक और सघन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शिथिलता बरतने वाले संविदाकारों को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि यह बैठक गत 19 जनवरी 2026 को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार (मिंटो हॉल) में आयोजित ‘अमृत मंथन कार्यशाला’ की निरंतरता में आयोजित की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य मिशन के लक्ष्यों की समयबद्ध प्रतिपूर्ति सुनिश्चित करना था। समीक्षा के दौरान विशेष रूप से उन 53 परियोजनाओं के वस्तुगत स्वरूप और कार्य-प्रगति का विश्लेषण किया गया, जिन्हें पूर्व में उनकी धीमी गति के आधार पर ‘रेड लिस्ट’ की श्रेणी में रखा गया था।
बैठक में संचालनालय एवं संभागीय कार्यालयों के अधिकारियों, एसएमएमयू, नगरीय निकायों के यंत्रियों सहित समस्त पीडीएमसी, टीम लीडर्स और संबंधित संविदाकार फर्मों के प्रबंधकों व समन्वयकों की उपस्थिति में प्रत्येक परियोजना के घटकवार लक्ष्यों की समीक्षा की गई। सघन मॉनिटरिंग और सतत अनुश्रवण के सकारात्मक परिणाम स्वरूप यह तथ्य परिलक्षित हुआ कि चिन्हित 53 परियोजनाओं में से 29 परियोजनाओं के संविदाकारों ने कार्य की गति में सराहनीय सुधार किया है।
आयुक्त भोंडवे ने इन 29 परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए इन्हें तत्काल प्रभाव से ‘रेड लिस्ट’ की सूची से पृथक करने के निर्देश दिए और संबंधित निकायों को निर्देशित किया कि वे इन कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ शीघ्रातिशीघ्र अंतिम रूप प्रदान करें। वहीं दूसरी ओर, शेष 24 परियोजनाओं की गति अब भी अपेक्षाकृत मंद पाए जाने पर उन्हें ‘रेड लिस्ट’ में यथावत रखा गया है। इन परियोजनाओं से संबंधित संविदाकारों को अंतिम चेतावनी देते हुए 28 मार्च 2026 तक कार्य में व्यापक तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा की स्थिति में उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
समीक्षा बैठक में आयुक्त भोंडवे ने मंडीदीप, विदिशा, मोहना एवं धार नगरीय निकायों में चल रहे कार्यों में संविदाकारों द्वारा बरती जा रही गंभीर उदासीनता और अरुचि पर कड़ा रुख अपनाया। आयुक्त श्री भोंडवे ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़ी इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य है। तदनुसार, उन्होंने इन निकायों के कार्यों में संलग्न संविदाकारों को तत्काल ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। विभाग द्वारा यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर
