मेदिनीपुर, 11 मार्च (हि.स.)। पूर्व मेदिनीपुर जिले के मयना में बीजेपी नेता की हत्या के मामले में एनआईए के नोटिस को लेकर तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया है।

सोमवार शाम नोटिस मिलने की खबर सामने आने के बाद से इलाके में हलचल शुरू हो गई थी, जबकि बुधवार सुबह से दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार मयना के बाकचार घोड़ामहल गांव में बीजेपी बूथ अध्यक्ष विजयकृष्ण भुइयां का एक मई 2023 को अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। मृत बीजेपी नेता की पत्नी लक्ष्मीरानी ने मयना थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने तृणमूल के 34 नेता-कर्मियों के नाम का उल्लेख किया था। बाद में अदालत के निर्देश पर इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई। जांच के दौरान एनआईए पहले ही कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। नोटिस मिलने के बाद से ही इसे लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है।
तृणमूल नेता चंदन मंडल ने दावा किया है कि उन्हें राजनीतिक कारणों से परेशान किया जा रहा है। उनका आरोप है कि बीजेपी छोड़कर तृणमूल में शामिल होने के कारण ही उन्हें इस मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियों पर सवाल उठाए हैं। मंगलवार शाम एक सभा में तमलुक संगठनात्मक जिला तृणमूल अध्यक्ष सुजीत राय ने कहा कि बीजेपी लंबे समय से केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। उनका दावा है कि जब तक चंदन बीजेपी में थे तब तक उनका नाम इस मामले में नहीं आया, लेकिन तृणमूल में शामिल होने के बाद उन्हें नोटिस भेजा गया।
वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। बुधवार सुबह पार्टी के तमलुक संगठनात्मक जिले के महासचिव सुकांत चौधरी ने कहा कि जांच एजेंसी अगर किसी को पूछताछ के लिए बुलाती है तो इसमें राजनीति ढूंढने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच अपने तरीके से आगे बढ़ेगी और अगर कोई दोषी होगा तो कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता
