कैथल, 11 मार्च (हि.स.)। जिले में लंबित पड़े इंतकाल (म्यूटेशन) और जमाबंदी के मामलों के निपटारे के लिए अब खंड स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। उपायुक्त अपराजिता ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनहित से जुड़े इन मामलों का जल्द और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाए।

लघु सचिवालय स्थित सभागार में बुधवार को राजस्व विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेते हुए डीसी अपराजिता ने स्पष्ट कहा कि राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला राजस्व अधिकारी, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष कैंप आयोजित कर लंबित इंतकाल और जमाबंदी के मामलों का समयबद्ध निपटान करें।
डीसी ने कहा कि राजस्व से जुड़े कार्य सीधे तौर पर किसानों और आम नागरिकों से जुड़े होते हैं, इसलिए इन कार्यों में तेजी और पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि विशेष कैंप लगाए जाने से लोगों को बार-बार तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और मौके पर ही उनके मामलों का समाधान हो सकेगा।
बैठक में सभी उपमंडल अधिकारियों (एसडीएम) को भी अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। डीसी ने कहा कि एसडीएम यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लंबित मामलों का समाधान हो। उन्होंने गिरदावरी कार्य को प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरा करने तथा एग्रीस्टैक पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा परिवार पहचान पत्र से जुड़े आय सत्यापन जैसे कार्यों को भी तय समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया। डीसी अपराजिता ने अधिकारियों से कहा कि तहसील में आने वाले नागरिकों के साथ शालीन व्यवहार किया जाए और उन्हें पारदर्शी व सुगम सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि आमजन को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर कैथल के एसडीएम गुरविंदर सिंह, कलायत के एसडीएम अजय हुड्डा, गुहला के एसडीएम कैप्टन प्रमेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी चंद्रमोहन सहित जिले के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे
