पटना। जदयू छोड़कर लोजपा के बंगले में गए भगवान सिंह कुशवाहा ने एक बार फिर जदयू का दामन थाम लिया है। जदयू के प्रदेश कार्यालय में शनिवार को आयोजित मिलन समारोह में राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी में शामिल होने के साथ ही उन्हें जदयू ने उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंप दी है। इसे चिराग पासवान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि भगवान सिंह कुशवाहा की घर वापसी हुई है। इनके आने से संगठन मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि सभी मिलकर 2010 के चुनाव परिणाम का रिकार्ड तोड़ेंगे। सीएम नीतीश कुमार को 2025 में मुकाम पर पहुंचाना है। जदयू अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं को पार्टी से जोड़ा जाएगा। पार्टी का जनाधार मजबूत किया जाएगा। पार्टी में सबको उचित सम्मान मिलने की बात भी उन्होंने कही। इस अवसर पर भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि चुनाव के समय वैचारिक मतभेद की वजह से वे अलग हुए थे। लेकिन उनका दिल हमेशा सीएम नीतीश कुमार के पास रहा।

मालूम हो कि कुशवाहा भोजपुर जिले के जगदीशपुर से विधायक रह चुके हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने लोजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। मिलन समारोह में प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, मंत्री अशोक चौधरी, पूर्व अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह समेत अन्य नेतागण मौजूद थे।
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बता दें कि भगवान सिंह कुशवाहा ने पूर्व में भी जदयू छोड़ी थी। वर्ष 2018 में उन्होंने रालोसपा को छोड़कर जदयू का दामन थामा था। लेकिन विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने लोजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। उस चुनाव में लोजपा प्रत्याशी के रूप में वे दूसरे स्थान पर रहे थे। बताया जाता है कि कुशवाहा के शामिल होने से शहाबाद क्षेत्र में जदयू को ताकत मिलेगी।
