डिजिटल टीम, पटना। राज्य के शहरी क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित मांस-मछली की दुकानों और स्वच्छता मानकों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि बिहार के नगर निकाय क्षेत्रों में बिना लाइसेंस चल रही दुकानों को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अवैध दुकानों पर सख्ती, स्वास्थ्य सुरक्षा प्राथमिकता
नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता, सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मांस एवं मछली की दुकानों में स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से की जाए।

उन्होंने कहा कि बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ धारा 345 के तहत कठोर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक और शैक्षणिक स्थलों के आसपास विशेष निगरानी
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों के निकट नियमों के विरुद्ध संचालित दुकानों पर विशेष अभियान चलाया जाए। उनके अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों के आसपास खुले में मांस-मछली की बिक्री बच्चों और विद्यार्थियों के मन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, जबकि धार्मिक स्थलों के पास ऐसी गतिविधियां धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकती हैं।
निरीक्षण अभियान चलाने का निर्देश
सभी नगर निकाय अधिकारियों को व्यापक निरीक्षण अभियान चलाकर अवैध दुकानों को तत्काल बंद कराने और दैनिक कार्रवाई रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन न करने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग के संज्ञान में आया है कि कई शहरी क्षेत्रों में बिना विधिवत अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) के मांस-मछली की दुकानें संचालित की जा रही हैं। साथ ही अनेक दुकानों में निर्धारित स्वच्छता मानकों की अनदेखी की जा रही है और खुले व अस्वास्थ्यकर वातावरण में विक्रय किया जा रहा है। इससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 345 के प्रावधानों का उल्लंघन कर संचालित दुकानों के विरुद्ध सख्त विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। विशेष रूप से धारा 345 (4) के अंतर्गत बिना अनुज्ञप्ति चल रही दुकानों को बंद कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
विभागीय जांच में यह भी पाया गया है कि कई दुकानें धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों एवं भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों के निकट संचालित हो रही हैं, जो नियमों के प्रतिकूल है। ऐसे मामलों में सामाजिक संवेदनशीलता और सार्वजनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निकायों को दिए गए निर्देशों के अनुसार, बिना वैध अनुज्ञप्ति संचालित दुकानों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई की जाए।
स्वच्छता मानकों का उल्लंघन करने वाली दुकानों को बंद कराया जाए। संवेदनशील स्थानों के आसपास संचालित दुकानों पर विशेष निगरानी रखी जाए। भविष्य में संचालन हेतु निर्धारित नियमों और शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।
विभाग ने सभी नगर निकायों के अधिकारियों को व्यापक निरीक्षण अभियान चलाने और अनुपालन रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार ने दोहराया है कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें और बिना लाइसेंस किसी भी प्रकार का व्यापार संचालित न करें।
