सासाराम (रोहतास) जिला पदाधिकारी द्वारा जिला पर्यावरण समिति (डीईपी) की समीक्षात्मक बैठक की गयी। जिसमें वन प्रमंडल पदाधिकारी रोहतास, उप विकास आयुक्त रोहतास, जिला कृषि पदाधिकारी रोहतास, जिला शिक्षा पदाधिकारी रोहतास, सहायक निदेशक उद्यान, कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, सासाराम, कार्यपालक असैनिक शल्य चिकित्सक – सह – मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी रोहतास, महाप्रबंधक,
कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल सासाराम, डिहरी एंव महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र डी०पी०एम०, मनरेगा एवं जीविका के द्वारा भाग लिया गया। उक्त बैठक में जिले में वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाये जाने हेतु विस्तृत रूप से समीक्षा करते हुये निम्नांकित निर्देश दिये गये। जिनमें वन प्रमंडल पदाधिकारी रोहतास के द्वारा बताया गया कि जिले के अन्तर्गत कुल 12,57,118 पौधों को लगाये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें वन विभाग एवं जिले के अन्य सरकारी, गैर सरकारी
एवं किसान, छात्र, छात्रायें, जीविका, मनरेगा के अतिरिक्त मोबाईल सेल के द्वारा बृक्षारोपण अभियान को
सफल बनाते हुये लक्ष्य की प्राप्ति की जायेगी। जिसमें उक्त सभी विभागों की भूमि अपेक्षनीय है।
बैठक में उपस्थित सभी संबंधित विभागों को निदेश दिया गया कि वे अपने-अपने विभागों के सभी
अधिनस्थों को अधिक से अधिक संख्या में वृक्षारोपण करने हेतु प्रेरित करना सुनिश्चित करें।
जिला शिक्षा पदाधिकारी रोहतास को निर्देश दिया गया कि सभी विद्यालयों एवं माध्यमिक विद्यालयों में
वृक्षारोपण हेतु छात्र, छात्राओं को प्रेरित करते हुये वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाना सुनिश्चित करेंगें।
जिला कृषि पदाधिकारी,रोहतास को निदेश दिया गया कि वे कृषि सलाहकारों का एक बैठक बुलाकर बड़े एवं मध्यम तथा सीमान्त किसानों को अपनी भूमि पर वृक्षारोपण हेतु वन विभाग से समन्वय स्थापित करते
हुये ज्यादा से वृक्षारोपण करने हेतु प्रेरित किया जाय तथा इसके लिये प्रखंडों में शिविर का आयोजित
कराते हुये वृक्षारोपण अभियान को शत्प्रतिशत सफल कराना सुनिश्चित करेंगें। इसके लिये फार्म पर दिये
गये सम्पर्क नम्बर पर विस्तृत जानकारी भी प्राप्त किया जा सकता है।
वन प्रमंडल पदाधिकारी, रोहतास द्वारा बताया गया कि सी०आर० पी० एफ०, एन० सी० सी०, एस0एस0बी0, रेलवे की भूमि पर ज्यादा से वृक्षारोपण किया जा सकता है। उक्त सभी विभाग वन प्रमंडल पदाधिकारी रोहतास से समन्वय स्थापित कर अपने खाली पड़े भूमि पर वृक्षारोपण कराने हेतु सम्पर्क
किया जा सकता है।

