डिजिटल टीम, डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास). भोजपुर जिले के जगदीशपुर शिवपुर स्थित शिवानंद कुटी धाम रहस्य- रोमांच से भरा है, करीब 6 एकड़ से अधिक शिवानंद कुटी धाम में अनेकों फलदार वृक्ष के साथ-साथ फुल पत्ते भी दिखाई देते हैं। शारीरिक ज्ञान व विराट व पथ प्रदर्शक परंपरा पर आधारित संत शिरोमणि श्री पयहारी जी महाराज जी का भोजपुर जिले के शिवपुर जगदीशपुर स्थित शिवानंद कुटी धाम अपने आप में एक रहस्य है। श्री पयहारी जी महाराज जी के प्रतिमा के दर्शन करने से लगता है कि साक्षात् परब्रह्म परमात्मा है। श्री पयहारी जी के परम शिष्य डॉक्टर गंगासागर ने बताया कि तपस्वी बाल योगी श्री पयहारी जी महाराज स्वयं हनुमान जी की रुप की प्रति छाया थे। श्री पयहारी जी महाराज जी के गुरु से लेकर शिष्य तक पीला एवं काला तिलक लगाते हैं। यह प्रतीक चिन्ह और कुछ नहीं बल्कि पीला रंग है पृथ्वी का और काला रंग आकाश का। श्री पयहारी जी ने रोहतास जिले के नासरीगंज हरिहरगंज, तिलौथू आनंद कुटी धाम में कठोर तपस्या की। श्री महाराज जी के शिष्य गुरु सेवक छोटू जी महाराज व संतोष जी महाराज, शांति जी महाराज जी भोजपुर जिले के शिवपुर जगदीशपुर शिवानंद कुटी धाम में गुरु सेवक के रुप में हैं। रामनवमी अखाड़ा एवं महा वैष्णो परंपरा में सबसे पहले गरु श्री पयहारी जी महाराज जी के कई रूप जैसे श्री सत भोला स्वामी, श्री जगुदेव स्वामी, भजन देव स्वामी, श्रवण देव स्वामी, शनिदेव स्वामी, बनवारी देव स्वामी इसके बाद श्री पयहारी जी महाराज, डॉक्टर श्री सागर ने बताया कि श्री पयहारी जी महाराज ने कहा था कि शरीर मन की शुद्धि सर्व सिद्धि है जिसमें मोक्ष की कामना समाहित है, तीर्थ यज्ञ मूर्ति पूजा तो मन लगाने का बहाना है।


संतों का मानना है कि संपूर्ण सृष्टि स्वर्ग नरक और पताल की सारी विभूतियां इस शरीर में विराजमान है। यह चीजें तीर्थ स्थल पर भटकने से नहीं मिलती हैं यह तो मानव शरीर के अंतर्मन में है, इसे विवेक पुरुष ही पहचान सकता है। तीन गुण, पाँच तत्व और 25 प्रकृति , इसके पार स्वयं के भीतर सार तत्व परमात्मा को पाया जा सकता है बल्कि स्वयं ही सभी परमात्मा के रूप है इसे जानने के लिये तप, जप, त्याग, सेवा की अहम भूमिका है । ये जप तप बिना गुरु के मार्ग दर्शन के नही हो सकता है। सदगुरु पयहारी जी महाराज आजीवन, फलाहारी रहकर दुनिया को रास्ता दिखलाने का काम किया। पूरे भारत वर्ष में इनका आश्रम है जहां इनके शिष्य रहकर तप और मानवता की निष्काम सेवा अनवरत कर रहे है। स्कूली शिक्षा हमे रोटी दे सकती है परंतु शांति और आनंद के लिये गुरु के शरणागति हमे जाना होगा। वर्तमान में शिवानन्द कुटी धाम इसका उदाहरण है।आइए हम गुरुमुखी बन अपने जीवन को सत्य पथ पर लगाये। सतगुरु श्री पयहारी जी महाराज जिनके एक नाम श्री. हनुमान देव स्वामी भी है। जिनको भक्त लोग प्रेम से सरकार जी या महाराज जी के नाम से भी पुकारते हैं, जिनके माता-पिता का गाँव भोजपुर जिले के जगदीशपुर थानान्तर्गत दुल्हीनगंज है। बचपन में ही इनकी माँ मामा गाँव सियाडिह जो कि भोजपुर जिले में ही है, चली गई थी, और इनका बचपन मामा गाँव पर ही बीता, मामा गाँव से ही ये बचपन में अपने गुरू -स्थान विरहाटपुर आने-जाने लगे और बाद में माँ के शरीर त्यागने के बाद स्थाई रूप से गुरु सेवा में गयें। इनके लग पिताजी जब ये लगभग दो वर्ष के थे तबही शरीर का त्याग कर दिये थे। लगभग 36 वर्ष की अवस्था तक गुरु की सेवा एवं भीथांटन के बाद रोहतास जिले के नासरीगंज- हरिहरगंज में स्थाई अखंड 12 वर्षो तक कठिन तपस्या,साधना के बाद तिलौथू जो रोहतास जिले में ही हैं। अपने साधना का केन्द्र सोन के किनारे बनाये और वहाँ लगभग 35 वर्षो तक कठिन साधना एवं जीव सेवा एवं दीक्षा लोगों के अध्यात्मिक ज्ञान देने के बाद 83 वर्षो वर्ष की अवस्था में 17 जून 2005 को ब्रह्मलीन हो गए गये। श्री सरकार जी आजीवन फलहारी रहे अखंड ब्रहमचारी रहे, सबका सेवा किये, जो भी इनके शरण में गया उसका कल्याण किये।
जीवन भर रोगी दुःखियों की सेवा एवं ज्ञान देते रहें। महाराज जी कहते थे कि पुत्र के लिए माता-पिता पत्नी के लिए पति, सास-खसुर एवं शिष्य के लिए गुरु प्रत्यक्ष देवता है। मानव की दो ही जातियाँ हैं- स्त्री एवं पुरुष । उन्ही महाराज जी की एक छोटि कुटिया भोजपुर जिले के जगदीशपुर अनुमंडल के जगदीशपुर प्रखंड में शिवपुर पंचायत के गाँव शिवपुर में सरकार जी के आदेश से बना हुआ है। जिसका नाम श्री शिवानन्द कुटी धाम है, जहाँ पर श्री पयहारी जी की मूर्ति विराजमान है और उन्ही के कृपा से साधु संतों दीन-दुखियों की सेवा की जाती है। जिसमें एक छोटा-सा होमियोपैथिक दवाखाना भी है। साल में दो बार आश्विन पूर्णिमा एवं ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष नवमी-दशनी की वृहद गुरुपूजा महोत्सव मनाया जाता है। प्रसाद वितरण होता है, एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होता है। गुरु-पूजा महोत्सव में अंग्रेजी दवा का भी शिविर लगता है। इस साल 30 मई 2023 को गंगा दशहरा जो कि श्री सरकार जी. का महानिर्वाण दिवस भी है । वरिष्ठ चिकित्सक
डॉ. निर्मल कुमार अपना पूरा टीम लेकर शिविर लगाकर बहुत से लोगों का इलाज किये, साथ में उनके बहुत से सहयोगी भी थे । जदयू के वरिष्ठ नेता वरिष्ठ चिकित्सक डॉ निर्मल सिंह कुशवाहा, संतोष उपाध्याय, के साथ कई लोगों ने शिवानंद कुटी धाम पहुंच प्रसाद ग्रहण किए । डॉ निर्मल कुशवाहा ने कहा कि रहस्य – रोमांच से भरा है शिवानंद कुटी धाम, यहां आने के बाद आंनद ही आनंद है। शिवानंद कुटी धाम के गुरु सेवक संतोष जी महाराज ने कहा की करें संत सतगुरु सेवकाई सो विराग मार्ग पहुंचाई, हम लोग श्री गुरु महाराज के टहलू है।
