डिजिटल टीम, डेहरी ऑन सोन/ पटना– त्रि-स्तरीय ग्राम द्वारा कराए जाने वाले सभी विकास कार्य अब टेंडर के माध्यम से होंगे। मुखियाजी अपनी मर्जी से किसी को काम आवंटित नहीं कर जाएंगे। हर कार्य के लिए टेंडर जारी होगा। और जो सबसे कम पैसे में काम कराएगा, उन्हें ही उसकी जिम्मेदारी दी जाएगी। पहली बार पंचायतों द्वारा कराए गए कार्यो के लिए यह व्यवस्था बनाई जा रही है। इसको लेकर पंचायती राज विभाग ने कार्य कोड बनाया है। पंचायत के कार्य कोड पर वित विभाग की सहमति मिल गई है। जल्द ही इस पर कैबिनेट की स्वीकृति ली जाएगी। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही इसे राज्य में लागू कर दिया जाएगा । पंचायत कार्य कोड लागू हो जाने के बाद कोई भी ग्राम पंचायत,पंचायत समिति तथा जिला परिषद बिना टेंडर जारी किये कार्य नहीं करा पाएंगे। इस तरह मुखिया समेत कोई भी जनप्रतिनिधि अपने मन से किसी से काम नहीं करा पाएंगे। वर्तमान व्यवस्था में विभागीय अनुमति से सारे कार्य कराए जाते हैं। इसमें सरकारी कर्मी एजेंसी के रुप में नामित होते हैं। मुखिया व संबंधित स्तर के कर्मी- पदाधिकारी संयुक्त रुप से इस कार्य को तय करते हैं। इसमें टेंडर जारी करने की बाध्यता नहीं है। हालांकि 15 लाख से ऊपर के काम हैं तो उसमें टेंडर जारी करने का नियम है, पर यह प्रभावी रुप से लागू नहीं हो पाता है। कार्य कोड बन जाने से हर गतिविधि की प्रक्रिया निर्धारित हो जाएगी।

कौन- कौन कार्य होते हैं -ग्राम पंचायते गांवों के विकास को कई अहम कार्य कराती हैं। इनमें सड़क सड़क निर्माण, खेल मैदान, चहारदीवारी , तालाबों का जीर्णोध्दार, मिटटी भराई, कचरा प्रबंधक, नाली का निर्माण, सोलर स्ट्रीट लाइन लगाना आदि।

