सासाराम (रोहतास) बाल- भारती पब्लिक स्कूल सिविल लाइन्स के प्रांगण में ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के उपलक्ष्य में प्रदूषण मुक्त पर्यावरण विषय पर एक विचार-गोष्ठी सह संकल्प- सभा का आयोजन पर्यावरणविद् डॉ० राजेश नारायण सिंह की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम में ईश्वरचंद्र विद्यासागर अकादमी, मोरसराय, भगवती विहार के प्रधानाचार्य राजीव रंजन, संयोजक रामलाल सिंह ,धर्मेंद्र शर्मा, उमेश कुमार सिंह, अंजली मिश्रा आर. पी. श्रीवास्तव, विशाल यादव, प्रियंका कुमारी ,जितेंद्र तिवारी, नेदा, तान्या, संचालि श्रीवास्तव, मुकुल गुप्ता, सृष्टि संजीवनी, काजल मिश्रा, मधु कुमारी, पुष्पा सिंह, अंजली सिंह, राहुल कुमार, अंजनी कुमार, शिवानी कुमारी, आरती, रसिक बिहारी, श्रेयस गुप्ता, गोपाल प्रसाद, नंदिनी निराला, मीडिया के सदस्य गण एवं विद्यालय के छात्र -छात्राएं उपस्थित थे। मंच का संचालन बाल भारती पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य राखी नाग ने किया।सर्वप्रथम विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत नृत्य की प्रस्तुति हुई। तत्पश्चात् राजेश नारायण ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि “प्रकृति हमारी मां है।” मां का दोहन हमारी आत्म-हत्या है। हमारा अस्तित्व एवं जीवन की गुणवत्ता एक स्वस्थ प्राकृतिक पर्यावरण पर ही निर्भर है। राजीव रंजन ने कहा” हमारी सुरक्षा का आवरण साफ और हरा-भरा पर्यावरण है। मैं प्लास्टिक और उसके उत्पादों का उपयोग नहीं करूंगा। रामलाल सिंह ने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण एक वैश्विक समस्या है, जिससे निपटना वैश्विक स्तर पर ही संभव है किंतु इसके इसके लिए प्रयास स्थानीय स्तर पर भी किया जाना चाहिए इसके अतिरिक्त विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं शिक्षिकाओं ने भी अपनी-अपनी भावनाओं का इजहार किया। राखी नाग के निर्देशन में वर्ग दशम की छात्राएं “धरती कहे पुकार के “नृत्य – नाटिका प्रस्तुत किया, जिसको दर्शकों ने भूरी -भूरी प्रशंसा की।अंग्रेजी की शिक्षिका सृष्टि के निर्देशन में वर्ग नवम की सारिका तथा आराधना ने पर्यावरण पर आधारित गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में पौधारोपण का कार्यक्रम शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा विद्यालय परिसर में किया गया और संकल्प लिया गया -“धरती बचाओ ,पेड़ लगाओ।”इस कार्यक्रम में बाल- भारती के साथ -साथ ईश्वरचंद्र विद्यासागर अकादमी के विद्यार्थियों कक्षा ग्यारहवीं के नव-नामांकित एवं 12वीं के तीनों संकायों के विद्यार्थियों ने बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया एवं यह संकल्प भी लिया कि जुलाई माह में विद्यालय के सभी पर्वतीय क्षेत्रों में 100 पौधों का रोपण किया जायेगा।

