शिमला, 08 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अप्रैल महीने के बीच मौसम ने करवट लेते हुए दिसंबर जैसी ठंड का अहसास करा दिया है। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में बीती रात से रुक-रुक कर बर्फबारी जारी है, जबकि मध्यम और निचले क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हो रही है। शिमला से सटे पर्यटन स्थल भी बर्फ से लकदक हो गए हैं। बर्फबारी से कई जगह वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में भारी बर्फबारी से 26 सड़कें बंद हैं। मौसम विभाग ने आज कई जिलों में ओलावृष्टि और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और अगले तीन दिनों तक मौसम के बदले रहने का अनुमान जताया है।

लाहौल-स्पीति, कुल्लू, चंबा के भरमौर और पांगी, अटल टनल रोहतांग, शिमला के कुफरी, नारकंडा, खड़ापत्थर और चौपाल में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। वहीं राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश मध्यम और निचले इलाकों में तेज हवाओं के साथ व्यापक वर्षा हुई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है और तापमान में तेज गिरावट आई है। राज्य का औसतन न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया है।
लाहौल-स्पीति जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 26 सड़कें बंद हैं। रोहतांग दर्रा से कोकसर मार्ग बंद है, जबकि अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से दारचा तक सीमित समय के लिए आवाजाही जारी है। दारचा से सरचू मार्ग पूरी तरह बंद है। दारचा से शिंकुला पास मार्ग केवल स्नो चेन लगे 4×4 वाहनों के लिए खुला है। ग्रांफू-बाथल मार्ग बंद होने से स्पीति क्षेत्र का संपर्क प्रभावित है। लोसर से बाथल मार्ग भी बंद है, जबकि तिंदी से कडू नाला मार्ग भूस्खलन के कारण अवरुद्ध है। प्रशासन ने लोगों से यात्रा से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।
चंबा जिले में पठानकोट-चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग बग्गा के पास पेड़ गिरने से बड़े वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं कुगती-भरमौर-चंबा रूट पर एचआरटीसी बस का टायर फिसलकर डंगे से नीचे खिसक गया, लेकिन चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। शिमला जिले में चौपाल-शिमला मार्ग पर ताजा बर्फबारी के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।
प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा रेणुकाजी में 65 मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा राजगढ़ में 60, भटियात में 52.6, बरठीं में 50.6, नैना देवी में 48.6, सोलन में 48, कंडाघाट में 42.2, धर्मपुर में 38.6 और पालमपुर में 37 मिलीमीटर वर्षा हुई। बर्फबारी की बात करें तो गोंडला में 4 सेंटीमीटर और कुफरी में 1.4 सेंटीमीटर ताजा हिमपात दर्ज किया गया।
राज्य के प्रमुख स्थानों के न्यूनतम तापमान में ताबो 0.1, कुकुमसेरी 0.6, कल्पा 3.0, शिमला 4.8, मनाली 6.9, जुब्बड़हट्टी 7.5, सराहन 7.9, पालमपुर 8.5, सोलन और सेओबाग 9.5, नाहन 9.8, धर्मशाला 10.8, कांगड़ा 11.3, ऊना 11.5, भुंतर 11.6, सुंदरनगर और देहरा गोपीपुर 12.0, मंडी 12.2, बरठीं 12.9, बिलासपुर 13.0 और पांवटा साहिब 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने शिमला, मंडी और कुल्लू जिलों में अलग-अलग स्थानों पर आज भारी वर्षा और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कांगड़ा और सोलन जिलों में भी ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट है, जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा और सिरमौर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने की संभावना भी जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 9 अप्रैल को कई स्थानों पर छिटपुट वर्षा, 10 से 12 अप्रैल तक कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा और गर्जन की संभावना है, जबकि 13 और 14 अप्रैल को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। विभाग के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ 11 अप्रैल से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे मौसम में फिर बदलाव संभव है। 13 अप्रैल से मौसम पूरी तरह साफ होगा।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा
