अनूपपुर, 01 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला मुख्यालय में शनिवार को असम से भारत यात्रा पर पदयात्रा करते हुए युवक पल्लव देव यात्रा में नशामुक्ति का संदेश देते हुए पहुंचे। यात्रा के 301वां दिन लगभग 6 हजार किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर यहां पहुंचे और अनूपपुर जिला जेल में बंदियों को नशामुक्त का संदेश देकर आगे की यात्रा में बढ़ गये। उनका अगला पडाव चचाई में हैं।

देश को नशामुक्त बनाने का संकल्प लेकर 5 मई 2025 को असम के श्रीभूमि जिले के रानीबाड़ी गांव निवासी 25 वर्षीय स्नातक पल्लव देव पैदल भारत भ्रमण पर निकले हैं। पल्लव देव अपनी यात्रा के 298वां दिन जिले में प्रवेश किया। जहां 301वें दिन आज जिला मुख्यालय पहुँचे, जहाँ स्थानीय नागरिकों ने उनका भव्य स्वागत किया। पल्लव देव का बचपन से ही भारतीय सेना में जाकर देश सेवा करने का सपना था। किन्हीं कारणों से सेना की वर्दी पहनने का सपना पूरा नहीं हो सका, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने तय किया कि सीमा पर न सही, तो समाज के भीतर रहकर नशे के खिलाफ जंग लड़कर देश की सेवा करेंगे।

पल्लव ने अपनी यह साहसी में उनके कंधे पर एक भारी बैग और हाथों में तिरंगा झंडा है, जो हर कदम पर युवाओं को नशे के जाल से बाहर निकलने की प्रेरणा दे रहा है। इनकी यात्रा असम मेघालय,पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा,छत्तीसगढ़,मध्य प्रदेश तक पहुंची हैं। पल्लव देव ने अपना उद्देश्य बताते हुए कहा कि युवाओं को नशे की लत के प्रति जागरूक करना और एक सशक्त भारत की नींव रखना। ‘नशामुक्त समाज ही सशक्त भारत की नींव’ आज देश की युवा पीढ़ी नशे की गर्त में समाती जा रही है। उन्होंने कहा कि ‘मेरा लक्ष्य देश को नशा मुक्त बनाना है। मैं अपनी इस पदयात्रा के जरिए लोगों को यह संदेश देना चाहता हूँ कि एक स्वस्थ और नशामुक्त समाज ही भारत को विश्व गुरु बना सकता है। उनकी इस जीवटता और जज्बे को देखकर स्थानीय युवाओं में काफी उत्साह देखा गया। पल्लव की यह यात्रा अब एक जन-आंदोलन का रूप लेती जा रही है, जहाँ लोग उनके साथ जुड़कर नशामुक्त भारत के सपने को साकार करने की शपथ ले रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला
