अनूपपुर, 02 फ़रवरी (हि.स.)। जिले में आयोजित होने वाली आगामी बोर्ड परीक्षाओं को दृष्टिगत रखते ग्राम पंचायत स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारियों की ड्यूटी संबंधित बोर्ड परीक्षा केंद्रों एवं विद्यालयों के निरीक्षण हेतु लगाई जाए। नोडल अधिकारी अपने भ्रमण के दौरान विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें तथा बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के साथ शिक्षकों द्वारा कराई जा रही शैक्षणिक गतिविधियों का भी अवलोकन करें। अधिकारियों की बोर्ड परीक्षा केंद्र में भी ड्यूटी लगाई जाए तथा बोर्ड परीक्षाएँ पूर्ण पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ संपन्न कराई जांए।

सोमवार को मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले कलेक्टर हर्षल पंचोली ने कलेक्टर कार्यालय के नर्मदा सभागार में आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी सहित जिला अधिकारियों को उक्त निर्देश दिए।
एमपी ई-सेवा पोर्टल से लोगों को जोड़े
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि एमपी ई-सेवा पोर्टल से अधिकाधिक लोगों को जोड़ा जाए। एमपी ई-सेवा पोर्टल के संबंध में आमजन को व्यापक जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इस उद्देश्य से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जानकारीपरक बैनर लगाए जाएँ। साथ ही जिन नागरिकों के पास स्मार्टफोन उपलब्ध हैं, उन्हें एमपी ई-सेवा ऐप डाउनलोड कराया जाए तथा ऐप के माध्यम से उपलब्ध सेवाओं की जानकारी प्रदान की जाए, जिससे नागरिक इस पोर्टल एवं ऐप का लाभ सरलता से प्राप्त कर सकें। कलेक्टर ने कहा कि इससे शासकीय सेवाओं का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित होगा।
खेल के माध्यम से बच्चों को शिक्षण दें
कलेक्टर ने सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को खेल-खेल के माध्यम से शिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों हेतु खिलौने, स्लेट, रंग-बिरंगी चित्र सामग्री, पेंटिंग, पहेलियाँ आदि उपलब्ध कराई जांए, जिससे बच्चों की रुचि बढ़े और उनका मानसिक विकास सुगमता से हो सके। उन्होंने निर्देशित किया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता प्राथमिकता के आधार पर बच्चों को उक्त शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने टेक होम राशन वितरण की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त की तथा एलईडी के माध्यम से बच्चों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
पंप ऑपरेटरों को आवश्यक प्रशिक्षण
कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से नल-जल योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा पंप ऑपरेटरों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो पंप ऑपरेटर अपने कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं, उनके स्थान पर सक्षम ऑपरेटर नियुक्त करने की कार्यवाही की जाए। साथ ही नल-जल योजना के सुव्यवस्थित संचालन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जल कर वसूली कार्य पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। जिससे नल-जल योजनाओं का नियमित संधारण समय-समय पर हो सके तथा ग्रामीणों को सुगमता से पेयजल उपलब्ध हो।
मखाना की खेती के लिए किसानों प्रोत्साहित करें
कलेक्टर ने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को जिले में मखाना की खेती के प्रति किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मखाना की खेती से किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा जिले में नवीन उद्योगों की स्थापना की संभावनाएँ बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, विद्युत, नगरीय प्रशासन, परिवहन, स्वास्थ्य, पशुपालन, मत्स्य पालन, खाद्य, खनिज सहित अन्य विभागों के विभागीय कार्यों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अर्चना कुमारी, अपर कलेक्टर दिलीप कुमार पांडेय, डिप्टी कलेक्टर प्राशी अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला
