अनूपपुर, 11 मार्च (हि.स.)। सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक लोगों को जागरूक कर बालिकाओं के नाम से खाते खुलवाए जाएं। योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं तथा पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को योजना की जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक परिवार इसका लाभ उठा सकें।

यह निर्देश मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कलेक्टर हर्षल पंचोली बुधवार को आयोजित समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि अपनी 10 वर्ष से कम आयु की बेटियों के नाम पर सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाकर इस योजना का लाभ लें।
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी तथा जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केंद्र से 01 अप्रैल को आयोजित होने वाले प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के संबंध में जानकारी प्राप्त कर निर्देश दिए कि इस कार्यक्रम के दौरान जिले के सभी अधिकारी अपने-अपने प्रभार वाले गांवों में विद्यालयों में पहुंचकर प्रवेशोत्सव में सहभागिता सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री पंचोली ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षक एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित हो तथा पुस्तक वितरण सहित अन्य सभी व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से की जांए। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से आयुष्मान भारत निरामयम् योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे आयुष्मान कार्ड की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर निर्देश दिए कि जिले में एक बार फिर विशेष अभियान चलाकर सेचुरेशन मोड में कार्य किया जाए, ताकि 70 वर्ष से अधिक आयु के वे व्यक्ति, जिनके आयुष्मान कार्ड अब तक नहीं बन पाए हैं, उन्हें योजना का लाभ मिल सके। कई लोगों को आधार कार्ड में त्रुटियों के कारण आयुष्मान कार्ड बनवाने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार कर आधार सुधार के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जांए। इसके लिए उन्होंने जिला प्रबंधक ई-गवर्नेंस को आवश्यक निर्देश दिए, ताकि आधार सुधार के बाद पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा सकें।
सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शिकायतों के निराकरण में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राप्त प्रकरणों का निराकरण शिकायतकर्ता से स्वयं दूरभाष पर चर्चा कर सुनिश्चित किया जाए, ताकि समस्याओं का संतोषजनक समाधान हो सके। कोई भी प्रकरण नॉट अटेंडेड न रहे तथा सभी शिकायतों पर विधिवत और सटीक जवाब दर्ज किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समय सीमा के भीतर प्रकरणों का निराकरण कर शिकायतकर्ताओं को राहत प्रदान की जाए।
पशुपालन, मत्स्य, खनिज, महिला एवं बाल विकास, श्रम, जनजातीय कार्य, राजस्व, खाद्य तथा उद्यानिकी विभाग सहित अन्य विभिन्न विभागों के कार्यों एवं उनकी प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला
