तेहरान, 02 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरानी सेना ने जवाबी कार्रवाई में अहम अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। ईरानी सेना के अनुसार ड्रोन हमलों में अवाक्स और ईंधन भरने वाले विमानों के ठिकानों के साथ-साथ रडार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध केंद्रों को टारगेट किया गया।

ईरान की संवाद समिति तसनीम न्यूज एजेंसी ने ईरानी सेना के हवाले से बताया कि बुधवार को उसने बेन गुरियन हवाई अड्डे पर तैनात अमेरिकी अवाक्स और टैंकर विमानों के ठिकानों पर मिसाइलों, लड़ाकू ड्रोन्स का पता लगाने एवं उन्हें ट्रैक करने वाली रडार साइट पर हमले किए। इसके साथ ही संयुक्त अरब अमीरात में तैनात लड़ाकू ड्रोन्स का मुकाबला करने वाली इलेक्ट्रॉनिक युद्ध साइटों पर भी ड्रोन से निशाना बनाया।
सेना ने कहा कि ये हमले इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए बर्बर हवाई हमलों के जवाब में किए गए हैं, विशेष रूप से आवासीय और गैर-सैन्य क्षेत्रों को निशाना बनाने के जवाब में।
ईरान की सेना ने कहा कि उसने पहले भी इस क्षेत्र के देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डों और कब्जे वाले क्षेत्रों में सैन्य इलाकों को ड्रोन हमलों से निशाना बनाया था। प्राप्त जानकारी और उपग्रह चित्रों की निगरानी के अनुसार इन हमलों से इन केंद्रों को गंभीर नुकसान पहुंचा है और सैन्य विमानों के लड़ाकू अभियानों और लड़ाकू सहायता में, साथ ही मिसाइलों और लड़ाकू ड्रोन्स की ट्रैकिंग में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई है। हमलों की सबसे हालिया लहर में 2,000 किलोमीटर की परिचालन सीमा वाले शक्तिशाली ‘अराश-2’ ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी
