हरिद्वार, 27 मार्च (हि.स.)। राम नवमी के मौक पर अयोध्या में राम लला के भव्य सूर्य तिलक का दृश्य दुनियाभर में लोगों ने देखा। रुड़की स्थित सीएसआईआर-सीबीआरआई द्वारा विकसित सूर्य तिलक प्रणाली का आज राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में दोपहर 12:00 से 12:08 बजे तक सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया।

इस वर्ष का यह आयोजन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह सूर्य तिलक मुख्य मंदिर के निर्माण की पूर्णता के पश्चात आयोजित किया गया।
सीएसआईआर-सीबीआरआई रुड़की के वैज्ञानिकों की एक समर्पित टीम, जिसमें डॉ. आर.एस. बिष्ट और अभियंता वी. चक्रधर सहित ऑप्टिका टीम शामिल थी, जिन्होंने ऑप्टिकल सेटअप की गहन सफाई, पूर्व-कार्यक्रम अंशांकन, संरेखण एवं परीक्षण कार्य संपन्न किया।
सूर्य तिलक प्रणाली के सफल प्रदर्शन को सुनिश्चित करने के लिए लेंस प्रणाली को सावधानीपूर्वक साफ किया गया तथा पुनः संरेखित (रियलाइन्ड), एवं पुनः अंशांकित (रीकैलिब्रेट) भी किया गया। टीम ने ऑप्टिकल सेटअप की गहन सफाई, पूर्व-कार्यक्रम अंशांकन, संरेखण एवं परीक्षण कार्य संपन्न किया। कार्यक्रम से एक दिन पूर्व (26 मार्च) निरंतर निगरानी तथा वास्तविक समय में समायोजन भी किए गए, ताकि निष्पादन पूर्णतः त्रुटिरहित रहे।
अर्ध-मेघाच्छन्न (सेमी-क्लाउडी) मौसम के बावजूद पूरे समय के दौरान सूर्य तिलक स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर रहा जो सटीक अभियांत्रिकी एवं आस्था का एक और सफल एवम उत्कृष्ट उदाहरण है। इस सफल प्रदर्शन के बाद रुड़की के सीबीआरआई संस्थान में प्रसन्नता का माहौल है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला
