गुवाहाटी, 05 मार्च (हि.स.)। असम की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले उठापटक तेज होती जा रही है। इसी बीच वरिष्ठ नेता करीमुद्दीन बरभुइयां ने गुरुवार को घोषणा की कि उन्होंने ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) छोड़ने का फैसला किया है।

सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में बरभुइयां ने कहा कि उन्होंने समाज के विभिन्न तबकों के लोगों से बातचीत और सलाह-मशविरा के बाद यह निर्णय लिया है। उन्होंने लिखा, “आज मैंने एआईयूडीएफ छोड़ने का फैसला किया है। मैंने शांति और सद्भाव के लिए समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया है।”

उनकी यह घोषणा ऐसे समय में सामने आई है जब असम में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है और कई नेता अलग-अलग दलों में शामिल होने या पार्टी बदलने की तैयारी कर रहे हैं।
हालांकि, बरभुइयां ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि उनका अगला राजनीतिक कदम क्या होगा या वह किस दल में शामिल होंगे।
दरअसल, करीम उद्दीन बरभुइयां लंबे समय से एआईयूडीएफ से जुड़े रहे हैं और राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके पार्टी छोड़ने के फैसले का उनके निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
इस बीच सूत्रों के अनुसार, बरभुइयां अखिल गोगोई के नेतृत्व वाली राइजर दल में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है और माना जा रहा है कि वह जल्द ही अपने अगले राजनीतिक कदम का खुलासा कर सकते हैं।
उधर, एआईयूडीएफ नेतृत्व की ओर से फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।————-
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय
