गोलाघाट (असम), 05 मार्च (हि.स.)। असम में आगामी 2026 विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य भर में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। इसी के मद्देनजर अन्य क्षेत्रों की तरह गोलाघाट जिले के खुमटाई विधानसभा क्षेत्र में भी चुनावी तैयारियां शुरू हो गई हैं।

परिसीमन के बाद तीन राजस्व चक्रों को मिलाकर खुमटाई विधानसभा क्षेत्र का गठन किया गया है। इनमें खुमटाई राजस्व चक्र, मोरंगी राजस्व चक्र और गोलाघाट राजस्व चक्र शामिल हैं। क्षेत्र के पुनर्निर्धारण के बाद खुमटाई क्षेत्र में नए रूप में बड़ा मोरंगी मौजा को शामिल किया गया है, जबकि ब्रह्मपुत्र क्षेत्र को बाहर कर दिया गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों के बीच स्थित इस विधानसभा क्षेत्र में 22 ग्राम पंचायत, चार जिला परिषद क्षेत्र और दो विकास खंड-मोरंगी तथा कठालगुरी शामिल हैं। परिसीमन के बाद क्षेत्र की जनसंख्या संरचना में भी काफी बदलाव आया है। इस क्षेत्र में 35 से अधिक छोटे-बड़े चाय बागान स्थित हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आगामी चुनाव में चाय जनसमुदाय के वोट निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
खुमटाई विधानसभा क्षेत्र का पिछले 10 वर्षों से भाजपा के मृणाल सैकिया प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वर्ष 2016 में भाजपा उम्मीदवार के रूप में मृणाल सैकिया पहली बार विधायक चुने गए, जबकि 2021 में उन्होंने दूसरी बार जीत हासिल की। हाल ही में एक जनसभा में मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने संकेत दिया है कि 2026 के चुनाव में भी भाजपा की ओर से मृणाल सैकिया को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। इससे यह लगभग तय माना जा रहा है कि भाजपा की ओर से वही चुनाव मैदान में उतरेंगे।
दूसरी ओर, चाय बागान बहुल क्षेत्र होने के कारण कांग्रेस पार्टी की ओर से रोज़लिना तिर्की को संभावित उम्मीदवार के रूप में उतारने की चर्चा भी तेज हो गई है।
परिसीमन के बाद 106 नंबर खुमटाई विधानसभा क्षेत्र में कुल 1,72,816 मतदाता हैं। इनमें 84,342 पुरुष, 88,342 महिलाएं और 5 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा परिसीमन के बाद 4,988 नए मतदाता जोड़े गए, जबकि 3,409 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
गौरतलब है कि 1987 में गोलाघाट को पूर्ण जिला घोषित किए जाने के बाद यहां प्रारंभ में केवल दो विधानसभा क्षेत्र-पूर्व गोलाघाट और पश्चिम गोलाघाट बनाए गए थे। बाद में तीन और क्षेत्र जोड़े गए, जिससे कुल पांच विधानसभा क्षेत्र हो गए। इनमें खुमटाई, गोलाघाट, डेरगांव, बोकाखात और सरूपथर शामिल हैं।
इस सीट का राजनीतिक इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। 1985 में असम आंदोलन के बाद प्रवीण कुमार गोगोई स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में यहां से विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1991 में कांग्रेस के जीवकांत गोगोई विधायक बने। 1996 में फिर प्रवीण कुमार गोगोई ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की। 2001 में कांग्रेस के जीवकांत गोगोई तीसरी बार विधायक बने और उन्होंने असम सरकार में कैबिनेट मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और वित्त मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी अपनी सेवाएं दीं।
जुलाई 2002 में जीवकांत गोगोई के निधन के बाद हुए उपचुनाव में असम गण परिषद के प्रवीण कुमार गोगोई विधायक चुने गए। उन्होंने 2006 में भी अगप उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की और बाद में असम सरकार में खेल और युवा कल्याण मंत्री भी बने।
इसके बाद 2011 में कांग्रेस की बिस्मिता गोगोई विधायक चुनी गईं और उन्होंने रेशम तथा वस्त्र तांत उद्योग विकास विभाग की मंत्री के रूप में कार्य किया। वहीं 2016 और 2021 में भाजपा के मृणाल सैकिया ने लगातार दो बार इस सीट पर जीत हासिल की।
अब आगामी 2026 विधानसभा चुनाव में खुमटाई सीट पर एक बार फिर दिलचस्प मुकाबले की संभावना जताई जा रही है।————–
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय
