सिलीगुड़ी, 26 फरवरी (हि.स)। सिलीगुड़ी के निकट फूलबाड़ी इलाके में गुरुवार को आदिवासी महिला के साथ कथित अत्याचार के विरोध में निकाले गए ‘उत्तरकन्या अभियान’ के दौरान हालात तनावपूर्ण हो उठा। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प के बाद इलाके में लाठीचार्ज, जलकमान और आंसू गैस के इस्तेमाल किये गये।

उल्लेखनीय है कि गत 23 दिसंबर को एक आदिवासी परिवार की पैतृक जमीन पर अवैध कब्जे और हस्तांतरण की कोशिश का विरोध करने पर सात माह की गर्भवती महिला के साथ कथित रूप से मारपीट की गई। आंदोलनकारियों का आरोप है कि गंभीर चोटों के कारण आठ जनवरी को महिला का समय से पहले प्रसव हुआ और जन्म के तीन दिन बाद नवजात की मौत हो गई।

घटना के विरोध में विभिन्न आदिवासी संगठनों ने प्रशासनिक मुख्यालय उत्तरकन्या तक मार्च निकालने का आह्वान किया। प्रदर्शनकारी जैसे ही तीनबत्ती मोड़ के पास पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। आरोप है कि आगे बढ़ने की कोशिश में बैरिकेड तोड़ने का प्रयास हुआ, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले जलकमान का इस्तेमाल किया, फिर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे। कुछ समय के लिए पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। डाबग्राम-फूलबाड़ी की भाजपा विधायक शिखा चटर्जी ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन को जबरन रोका गया और लाठीचार्ज कर स्थिति को बिगाड़ा गया। उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा, पुनर्वास और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार
