इंदौर, 02 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के इंदौर में अंगदान कराने वाले डॉक्टरों के अतिरिक्त अन्य कोई भी व्यक्ति जो अंगदान के लिए प्रेरित कर अंगदान कराने में सफलता प्राप्त करेगा, उन्हें सहायता संस्था द्वारा 25 हजार रुपये का इंसेंटिव प्रदान किया जाएगा।

यह जानकारी इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने गुरुवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज में इंदौर सोसायटी फॉर आर्गन डोनेशन की बैठक में दी। बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाडे़ ने इंदौर सोसायटी फॉर आर्गन डोनेशन द्वारा किये जा रहे सेवा कार्यों की प्रगति रिपोर्ट देखी और उसकी समीक्षा की।
बैठक में संभागायुक्त डॉ. खाड़े ने कहा कि अंगदान के क्षेत्र में इंदौर सोसायटी फॉर आर्गन डोनेशन अच्छा कार्य कर रहा है। कोविड महामारी के उपरांत अंगदान के क्षेत्र में इन्दौर संभाग में उल्लेखनीय प्रगति की गई है, जिसके चलते अनेक नागरिकों को नया जीवन एवं स्वास्थ्य लाभ मिला है। वर्तमान में इन्दौर संभाग में 13 चिकित्सा संस्थान को अंग प्रत्यारोपण की प्रशासनिक अनुमति जारी की गई है, जिसमें से 11 चिकित्सा संस्थान सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। जिसमें राजश्री अपोलो हॉस्पिटल, चोईथराम हॉस्पिटल एवं विशेष जुपिटर हॉस्पिटल प्रथम तीन चिकित्सा संस्थान है। अंगदान के क्षेत्र में सक्रिय इंदौर सोसायटी फॉर आर्गन डोनेशन की बैठकें लगातार आयोजित की जा रही है और उसकी समीक्षा भी की जा रही है, ताकि इंदौर संभाग अंगदान के क्षेत्र में प्रदेश और देश में अव्वल बन सके।
बैठक में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया, स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त संचालक डॉ. पूर्णिमा गडरिया, स्वास्थ्य विभाग के डीएचओ डॉ. निर्मला अखण्ड, डॉ. सतीवान खत्री, सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. डी.के. शर्मा, समाजसेवी जनक पलटा, डॉ. अनिल भण्डारी, मुस्कान ग्रुप के संदीपन आर्य और जीतू बागानी, आई बैंक की उमा झंवर, आलोक सिंह सहित विभिन्न शासकीय एवं निजी अस्पतालों के प्रबंधक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में डॉ. खाड़े ने बताया कि पिछले 6 वर्षों में इन्दौर में शासकीय चिकित्सा संस्थान एम.व्हाय. हॉस्पिटल में 140 रोगियों को बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन निःशुल्क अथवा न्यूनतम शुल्क में मुख्यमंत्री सहायता योजना, पी.एम.केयर फण्ड एवं निजी संस्थाओं के सी.एस.आर. फण्ड की सहायता से संपन्न हुए है। मध्यप्रदेश में बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन इन्दौर के एक मात्र शासकीय चिकित्सालय में हो पा रहे है। कोविड के पूर्व वर्ष 2019 में 77 अंगदान (74 किडनी व 03 लीवर) अनुमति जारी की गई थी। जो वर्ष 2025 में बढ़कर 202 (181 किडनी व 21 लीवर) हो गई है। इसी प्रकार इन्दौर की बढ़ती हुई प्रतिष्ठा एवं चिकित्सा विकास के चलते अब पूरे भारत भर के रोगी प्रत्यारोपण हेतु आ रहे है।
डॉ. खाड़े ने बताया कि वर्तमान में ब्रेन डाईड रोगी के अंग प्राप्ति करने हेतु प्रतीक्षा सूची में इन्दौर संभाग में 218 रोगी (189 किडनी व 29 लीवर) प्रतीक्षारत है। हाल ही में 10 दिन पूर्व शुजालपुर निवासी अनुपम नालमे 39 वर्ष का अंगदान सी.एच.एल हॉस्पिटल में संपन्न हुआ। इन्दौर के शेल्बी हॉस्पिटल में आवंटित दो रोगियों को एक ही दिन में चिकित्सा दल ने किडनी प्रत्यारोपण किया है, जो राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसनीय उपलब्धि है। त्वचा दान के क्षेत्र में इन्दौर पूरे देश का द्वितीय अधिकतम त्वचा संग्रहीत करने वाला शहर है, जो चोईथराम हॉस्पिटल द्वारा संचालित किया जा रहा है एवं अभी तक 1039 मृतकों के त्वचा दान प्राप्त किये गये हैं, जो मल्टीपल रोगियों को प्रत्यारोपण के काम आ रहे हैं।
डॉ. खाड़े ने बताया कि इन्दौर में पिछले 10 वर्षों में करीब 18000 कॉर्निया (ऑख) प्राप्त की गई है। जिसमें एम.के. इन्टरनेशनल आई बैंक द्वारा 15240, शंकरा आई बैंक द्वारा 2502, एम.व्हाय. आई बैंक द्वारा 256 ऑखों का संग्रहण किया गया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में 62 केरोटोप्लास्टी (आँखों का प्रत्यारोपण) इन्दौर के शासकीय चिकित्सालय एम.व्हाय के नेत्ररोग विभाग द्वारा किया गया। इन्दौर में शासकीय चिकित्सालय सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अंग प्रत्यारोपण हेतु विशेष तकनीकी व्यवस्थाओं का निर्माण किया गया है। जहाँ अभी तक 6 लाईव किडनी ट्रांसप्लांटेशन हुए है और इस दिशा में बेहतर प्रयास किये जा रहे है। प्रशासन एवं चिकित्सा दल लीवर प्रत्यारोपण हेतु प्रयासरत है।
डॉ. खाड़े ने बताया कि अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतू विभिन्न स्कूल-कॉलेजों एवं अन्य संस्थानों में जनजागरूकता अभियान चलाया जायेगा। जगह-जगह पोस्टर, बेनर, होर्डिंग्स आदि लगाये जाएंगे। जनजागरूकता कार्यक्रम में डॉक्टर्स, शिक्षाविद, समाजसेवी एवं धर्मगुरुओं को भी शामिल किया जा रहा है। साथ ही नेत्रदान के अधिक से अधिक संकल्प पत्र भरवाये जा रहे हैं। अंगदान प्रत्यारोपण के लिये डॉक्टरों को प्रशिक्षित करने का कार्य जारी है। बैठक में डॉ. घनघोरिया, डॉ. भण्डारी, जनक पलटा, संदीपन आर्य ने भी अपने विचार रखे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर
