सिलीगुड़ी, 06 अप्रैल (हि. स.)। उत्तर बंगाल के स्वास्थ्य ढांचे और चिकित्सा व्यवस्था की स्थिति को लेकर सोमवार को सिलीगुड़ी में भाजपा की तरफ से पत्रकार सम्मेलन आयोजित की गई। इस दौरान जलपाईगुड़ी के सांसद डॉ. जयंत राय ने क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या के मुकाबले बिस्तरों की भारी कमी है, जिससे लोगों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पा रहा है। डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही है।
डॉ. राय ने प्राइमरी हेल्थ सेंटरों की स्थिति को भी चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि कई केंद्रों में सप्ताह में केवल एक-दो दिन ही डॉक्टर उपलब्ध रहते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोग प्राथमिक इलाज से भी वंचित हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि चाय बागान इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं और बदहाल है, जहां दवाइयों और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी है। उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वहां भीड़ अधिक है, सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है और उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग नहीं हो रहा।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य साथी कार्ड होने के बावजूद कई मरीजों को निजी अस्पतालों में इलाज नहीं मिल पाता, क्योंकि भुगतान में देरी होती है। साथ ही, आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की कमी का भी आरोप लगाया।
डॉ. राय ने कहा कि उन्नत चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में कैंसर जैसे गंभीर रोगों के इलाज के लिए लोगों को दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा सत्ता में आने पर स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक सुधार किया जाएगा और उत्तर बंगाल में एम्स स्तर के अस्पताल की स्थापना की दिशा में काम किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार
