नई दिल्ली, 27 जनवरी (हि.स.)। राज्य के सिंचाई एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2025-26 में जल गुणवत्ता परीक्षण का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है।

मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार काे नई दिल्ली स्थित डॉ. सी. सुब्रमणियम कन्वेंशन सेंटर में आयाेजित ग्रामीण पेयजल सेवाओं के सतत संचालन एवं रखरखाव पर मंत्री स्तरीय नीतिगत संवाद कार्यशाला काे संबाेधित कर रहे थे। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने ग्रामीण पेयजल योजना की संरचना और रखरखाव नीति में केंद्र सरकार के सुझावों को सम्मिलित करते हुए विस्तृत नीति बनाई है। योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव का कार्य स्वयं सहायता समूह के माध्यम से कराए जाने की व्यवस्था भी इसमें शामिल की गई है। उन्होंने कहा कि 65 फीसदी योजनाओं की सुजलाम आईडी तैयार की जा चुकी है और 5071 पंचायतों में जल सेवा आकलन किया जा चुका है। शेष पंचायतों में कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। मंत्री महाराज ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील से 7800 ग्राम पंचायतों में नल जल मित्रों के प्रशिक्षण के लिए वित्तीय सहायता की अपील की। वर्तमान में 6800 नल जल मित्रों का चयन किया जा चुका है, जिन्हें 42-दिन का प्रशिक्षण दिया जाना है। मंत्री ने राज्य में 1500 करोड़ रुपये की बकाया राशि और 1096 योजनाओं की धीमी गति पर चिंता व्यक्त की और आवश्यक धनराशि की मुक्ति की मांग की।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय
