-हर्रावाला कैंसर अस्पताल लगभग तैयार, गोल्डन कार्ड दावों पर 301 करोड़ का भुगतान

भराड़ीसैंण, 12 मार्च (हि.स.)। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन में स्वास्थ्य, शिक्षा और खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सदन काे बताया कि राज्य में गोल्डन कार्ड योजना के तहत बड़ी संख्या में मरीजों को उपचार की सुविधा मिल रही है और इस पर अब तक सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि वर्ष 2024-25 में 11,823 मरीजों का इलाज कराया गया, जिस पर करीब 275 करोड़ रुपये खर्च हुए। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 50 हजार से अधिक मरीज इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकारी और निजी मिलाकर 310 से अधिक अस्पतालों में योजना के तहत उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
उन्हाेंने बताया कि स्वास्थ्य प्राधिकरण ने 31 अगस्त 2025 तक चिकित्सा दावों के सापेक्ष 301.69 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। वर्तमान में लगभग 180 करोड़ रुपये का भुगतान शेष है, जबकि करीब 37 हजार दावों के 68 करोड़ रुपये लंबित हैं। भुगतान प्रक्रिया को सुचारु रखने के लिए सरकार ने प्राधिकरण को 37 करोड़ और 75 करोड़ रुपये ऋण के रूप में उपलब्ध कराए हैं।
हर्रावाला कैंसर अस्पताल का निर्माण लगभग पूरा
देहरादून के हर्रावाला में बन रहे राजकीय मैटरनिटी एवं कैंसर चिकित्सालय का निर्माण लगभग 99 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इस परियोजना पर करीब 125 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। अस्पताल के भवन की गुणवत्ता जांच और हस्तांतरण के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद अस्पताल का औपचारिक हस्तांतरण किया जाएगा। उच्च स्तरीय कैंसर उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल को पीपीपी मोड में संचालित करने सहित अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है और टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई जैसे संस्थानों से भी वार्ता की जा रही है।
खाद्य मिलावट पर कार्रवाई
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 तक राज्य में 3,311 खाद्य नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 330 नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। देहरादून में खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण कार्य जारी है और इसे 31 मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील राज्य में वैज्ञानिक मानकों से निर्माणकांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन के प्रश्न के उत्तर में सरकार ने बताया कि उत्तराखंड भूकंपीय जोन-4 और जोन-5 में आता है, इसलिए भवन निध्र्माण में भूकंपरोधी मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है। राष्ट्रीय भूकंप जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम के तहत जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं। हिमालयी क्षेत्र में मेन हिमालयन थ्रस्ट, मेन बाउंड्री थ्रस्ट और मेन सेंट्रल थ्रस्ट जैसे सक्रिय भू-वैज्ञानिक फॉल्ट होने के कारण निर्माण कार्यों में विशेष सतर्कता बरती जाती है।
संस्कृत विद्यालयों में सीमित कंप्यूटर शिक्षाविधानसभा में विधायक महेश जीना के प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया गया कि प्रदेश में कुल 110 संस्कृत विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 6 राजकीय, 77 अशासकीय और 27 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। इनमें से केवल 37 विद्यालयों में ही विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा दी जा रही है।
अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में 820 पद रिक्तविधायक बृजभूषण गैरोला के प्रश्न पर मंत्री ने बताया कि अटल उत्कृष्ट विद्यालयों में प्रवक्ता के 1834 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 1283 भरे हुए हैं और 551 रिक्त हैं। वहीं एलटी श्रेणी के 1715 पदों में से 1446 पर शिक्षक कार्यरत हैं और 269 पद खाली हैं। इस प्रकार कुल 820 पद रिक्त हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है और परीक्षाओं के बाद काउंसिलिंग के माध्यम से जल्द तैनाती की जाएगी।
छात्रवृत्ति योजनाओं से हजारों छात्र लाभान्वित:
विधायक सुरेश गढ़िया के प्रश्न के उत्तर में बताया गया कि विद्यालयी शिक्षा विभाग की पांच प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से पिछले चार वर्षों में 21,743 छात्र-छात्राओं को कुल 17.67 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।
सरकारी अस्पतालों में 90 अल्ट्रासाउंड मशीनें:
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में 90 अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित हैं, जिनमें से 82 क्रियाशील हैं और 8 अक्रियाशील हैं। इसके अलावा दो एमआरआई मशीनें उप जिला चिकित्सालय कोटद्वार और मेला चिकित्सालय हरिद्वार में स्थापित की गई हैं। आईपीएचएस मानकों के अनुसार रेडियोलॉजिस्ट के 44 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 42 पदों पर चिकित्सक कार्यरत हैं।
सरकारी स्कूलों का क्लस्टर बनाने की प्रक्रिया:
कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश के प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रदेश में सरकारी स्कूलों का क्लस्टर बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अभी माध्यमिक स्तर पर किसी विद्यालय का विलय नहीं किया गया है, जबकि प्राथमिक स्तर पर जनपद उत्तरकाशी में 9 विद्यालयों का विलय किया जा चुका है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय
